Balaghat Karwa Chauth 2026 | Punjabi-Sindhi Samaj Collective Puja


बालाघाट में गुरुवार को पंजाबी और सिंधी समाज की महिलाएं सामूहिक रूप से करवा चौथ का पूजन कर रही हैं। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा है।

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शाम को एक निजी होटल और श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना और करवा चौथ की कथा का आयोजन किया जा रहा है। चांद दिखने के बाद महिलाएं अर्घ्य देकर और पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलेंगी।

सुबह सरगी खाकर शुरू किया निर्जला व्रत

पंजाबी समाज की शशि गांधी ने बताया कि करवा चौथ का समाज में खास महत्व है। परंपरा के अनुसार, घर की बुजुर्ग महिला व्रत रखने वाली महिलाओं को सरगी देती है।

महिलाएं सुबह 5 बजे तक तारों की छांव में फेनी, मिठाई, नारियल का प्रसाद और भोजन करती हैं। इसके बाद निर्जला व्रत शुरू होता है और शाम को पूजा की जाती है।

शशि गांधी ने बताया कि पूजा की थाली में बुजुर्गों को देने के लिए अपनी इच्छा से भेंट रखी जाती है। चांद दिखने पर महिलाएं पहले अर्घ्य देती हैं और बुजुर्गों को भेंट देती हैं। इसके बाद चांद की पूजा कर छलनी से उसे देखती हैं और पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलती हैं।

नवविवाहिता ने सास से मिली सरगी से की पूजा

नवविवाहिता पूजा ने बताया कि उनकी सास ने सरगी में पूजा के कपड़े, श्रृंगार का सामान, फल और मिठाई दी। उन्होंने मंदिर में सरगी की पूजा की और शाम को अन्य महिलाओं के साथ व्रत की कथा सुनी।

बादलों के कारण चांद दिखने में हो सकती है देरी

मौसम में बदलाव के कारण जिले में आसमान पर काले बादल छाए हुए हैं। सुबह से सूरज भी दिखाई नहीं दिया। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। चांद दिखने के बाद महिलाएं छलनी से पति के दर्शन कर व्रत खोलेंगी।



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