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मंडला के कन्या शिक्षा परिसर चटुआमार के छात्रावास क्रमांक-2 की छात्राएं मंगलवार को करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे से मुलाकात कर शिक्षिका और छात्रावास अधीक्षिका का प्रभार संभाल रहीं सिंधिया चौकसे को हटाने की मांग की। छात्राओं ने अधीक्षिका पर दुर्व्यवहार करने, जाति को लेकर टिप्पणी करने और अनुचित गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि अधीक्षिका के व्यवहार के कारण छात्रावास में रहना और पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। छात्राओं ने बताया कि वे लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं। पहले भी शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि विरोध करने वाली कई सीनियर छात्राएं दूसरे छात्रावास में जा चुकी हैं। अब वे भी अधीक्षिका को हटाने की मांग कर रही हैं। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जिला मुख्यालय आते समय स्कूल स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस वजह से उनकी एक दिन की पढ़ाई छूट गई। अधीक्षिका बोलीं- शिक्षकों की साजिश सिंधिया चौकसे ने छात्राओं के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय शिक्षक उनसे जलन रखते हैं और उनके खिलाफ साजिश कर रहे हैं। छुट्टियों से लौटने के बाद उन्हें प्रभार न देना पड़े, इसलिए छात्राओं के जरिए शिकायत कराई गई है। चौकसे ने संस्था के प्रभारी प्राचार्य प्रदीप वरकड़े पर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि प्राचार्य पहले ईसाई धार्मिक संस्था से जुड़े थे और स्कूल में धार्मिक प्रार्थना कराते थे। उनके आने के बाद ये गतिविधियां बंद हुईं, इसलिए उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। प्रभारी प्राचार्य प्रदीप वरकड़े ने धार्मिक गतिविधियां कराने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में राष्ट्रगान और तय प्रार्थना ही कराई जाती है। कलेक्टर बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे ने बताया कि छात्राओं और कुछ पालकों ने अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर शिकायत दी है। मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले से जुड़े कुछ कोर्ट केस भी हैं, जिनकी जांच की जा रही है। कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
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मंडला में अधीक्षिका को हटाने 7 किमी पैदल चलीं छात्राएं:छात्रावास में रहना मुश्किल हुआ तो कलेक्टर तक पहुंचीं, अधीक्षिका ने बताया शिक्षकों की साजिश
