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कटनी जिले के बड़वारा मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ₹1 और ₹2 के सिक्कों को लेकर परेशानी बढ़ गई है। बाजार में कई दुकानदार इन सिक्कों को लेने से इनकार कर रहे हैं। इसके चलते ग्राहकों को मजबूरी में जरूरत से ज्यादा का सामान खरीदना पड़ रहा है। त्योहारी सीजन में सिक्कों के लेन-देन में आ रही इस समस्या से उपभोक्ता परेशान हैं। साप्ताहिक बाजार में सामने आई समस्या रविवार को बड़वारा में लगने वाले साप्ताहिक बाजार में भी सिक्कों को लेकर परेशानी देखने को मिली। खरीदारी करने पहुंचे लोगों को दुकानदारों ने ₹1 और ₹2 के सिक्के लेने से मना कर दिया। स्थानीय निवासी राहुल कुमार ने बताया कि बाजार ही नहीं, आम दिनों में भी दुकानदार सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं। ऐसे में छोटी वस्तु खरीदने के लिए भी ₹5 या उससे अधिक खर्च करने पड़ते हैं। गांवों में भी नहीं चल रहे सिक्के उपभोक्ता सूरज कुमार महोबिया ने बताया कि बड़वारा मुख्यालय के साथ आसपास के गांवों में भी ₹1 और ₹2 के सिक्कों का चलन लगभग बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों का सामान खरीदने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण अरविंद सिंह ने कहा कि त्योहार के समय सिक्के लेने से इनकार करना गलत है। इससे उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ रही है। थोक व्यापारी नहीं लेते, इसलिए दुकानदार परेशान व्यापारी राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि वे सिक्के लेने को तैयार हैं, लेकिन बड़े व्यापारी और थोक विक्रेता इन्हें स्वीकार नहीं करते। आगे सिक्के नहीं चलने के कारण छोटे दुकानदार भी इन्हें लेने से बचते हैं। व्यापारी दीपक सिंह ने बताया कि कम संख्या में सिक्के मिलने पर उन्हें जमा कराने और आगे चलाने में भी परेशानी होती है। वैध सिक्के लेने से इनकार करना गलत भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार ₹1, ₹2, ₹5 और ₹10 के वैध भारतीय सिक्के कानूनी रूप से मान्य हैं। इनके लेन-देन से इनकार किए जाने के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और बैंकिंग अधिकारियों से मांग की है कि बाजार में सिक्कों के लेन-देन को लेकर फैली समस्या का समाधान कराया जाए।
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बड़वारा में ₹1-2 के सिक्के लेने से मना कर रहे-दुकानदार:ग्रामीण इलाकों में लेन-देन से इनकार; ग्राहकों को जरूरत से ज्यादा सामान खरीदना पड़ रहा
