गुना में बेमौसम बारिश से मक्का की फसल बर्बाद:मंडी में लाखों का नुकसान; खेतों में गीली हुई फसल, खुले में रखी मक्का नालियों में बही




गुना शहर में रविवार शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और देखते ही देखते आधे घंटे से अधिक समय तक मूसलाधार बारिश हुई। बिन मौसम हुई इस तेज बारिश से जहां शहर की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं इसका सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। एक तरफ खेतों में टूटी पड़ी मक्का के कारण किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ मंडी में खुले में सूखने के लिए पड़ी मक्का नालियों में बह गई। इससे व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। बता दें कि रविवार सुबह से बादल छाने के बाद शाम 6 बजे के आसपास तेज हवा और बिजली के साथ जोरदार बारिश हुई। लगभग एक घंटे तक झमाझम बारिश होती रही। बारिश के कारण नवरात्र महोत्सव में लगी झांकी समितियों को भी व्यवस्थाएं संभालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इससे पूर्व दिन का अधिकतम तापमान 34.8॰ और न्यूनतम तापमान 21.2॰ सेल्सियस दर्ज किया गया था। खेतों में टूटी पड़ी मक्का में नुकसान
क्षेत्र में हुई बारिश ने खेतों और खलिहानों में कटी पड़ी मक्का की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कंबाइन हारवेस्टर से काटी गई मक्का में पहले से ही नमी की मात्रा अधिक होती है। ऐसे में खुले में रखे मक्का के दानों पर पानी पड़ने से उनके खराब होने और फंगस तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पानी से भीगी मक्का की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे उसमें सड़न पैदा हो जाती है और वह इंसान व मवेशियों दोनों के उपभोग के लायक नहीं रहती। सही दाम न मिलने की आशंका
फसल गीली होने के कारण मंडियों में व्यापारी इसे बहुत कम दामों में खरीदते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक चपत लगने का अंदेशा है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे तत्काल फसल के ढेरों के आसपास से पानी निकासी का प्रबंध करें और कटी फसल को ढकने का प्रयास करें। हालांकि, इस बेमौसम बारिश से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन कल प्रशासनिक व कृषि विभाग की सर्वे रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। व्यापारियों को लाखों का नुकसान
उधर दूसरी तरफ बारिश से व्यापारियों को भी नुकसान हुआ है। पिछले एक हफ्ते में व्यापारियों ने किसानों से हजारों क्विंटल मक्का खरीद की है। खरीदी गई मकान मंडी प्रांगण में ही सुखाई जा रही है। बारिश के कारण मक्का बह गई। मंडी के निचले हिस्से में तो मक्का बहकर नालियों में पहुंच गई। देर रात तक व्यापारी इस मक्का को समेटते नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि बेमौसम बारिश से उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है।



publish_date

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *