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हरदा में करवा चौथ पर शुक्र ग्रह के अस्त होने से नवविवाहिताओं के मन में व्रत की शुरुआत को लेकर उलझन बनी हुई थी। कई जगह यह चर्चा चल रही थी कि शुक्र अस्त होने के कारण नई दुल्हनों को इस बार पहला करवा चौथ नहीं रखना चाहिए। हालांकि, ज्योतिषाचार्यों ने इस बात को पूरी तरह से भ्रम और अफवाह करार देते हुए स्थिति साफ कर दी है। पंडितों का कहना है कि नवविवाहिताएं भी बिना किसी झिझक के इस बार व्रत की शुरुआत कर सकती हैं। मांगलिक कार्यों में देखा जाता है शुक्र शहर के ज्योतिषी पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि शुक्र और गुरु ग्रह की स्थिति शादी-ब्याह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कामों के शुभ मुहूर्त तय करने में देखी जाती है। किसी भी व्रत या पर्व के विधान में ग्रहों के उदय या अस्त होने से व्रत रोकने का कोई नियम नहीं है। इसलिए शुक्र अस्त होने का असर करवा चौथ के व्रत पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा और नई दुल्हनें खुशी-खुशी अपना पहला व्रत रख सकती हैं। सोलह श्रृंगार, गणेश पूजा और चांद को अर्घ्य देकर खुलता है व्रत कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व ‘करक चतुर्थी’ भी कहलाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, खुशहाल शादीशुदा जिंदगी और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को लाल, पीली या पारंपरिक साड़ियों में सोलह श्रृंगार कर महिलाएं भगवान गणेश और माता करवा की पूजा-अर्चना करती हैं। रात में चांद निकलने पर अर्घ्य दिया जाता है और छलनी से चांद व पति का चेहरा देखकर पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला जाता है। भ्रम में न पड़ें नवविवाहिताएं, आस्था के साथ मनाएं त्योहार पंडित व्यास ने महिलाओं से अपील की है कि वे खरीदारी और तैयारियों के साथ-साथ पर्व की मूल भावना और पूजा-विधान का पूरा ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि शुक्र अस्त को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से भ्रमित होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। सभी नवविवाहिताएं पूरी आस्था और परंपरा के साथ इस बार करवा चौथ का व्रत शुरू कर सकती हैं।
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ज्योतिषी व्यास बोले- नवविवाहिताएं रख सकती हैं करवा चौथ व्रत:शुक्र अस्त का व्रत पर असर नहीं, सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें
