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जनसुनवाई में पटवारी पर जमीन के बंटवारे में मनमानी का,आरोप:दतिया में विवादित जमीन बांटने और गोबर गैस प्लांट पर दूसरे का कब्जा दर्ज करने की शिकायत




दतिया कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान राजस्व विभाग और पटवारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। किसी ने न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विवादित जमीन का बंटवारा करने का आरोप लगाया, तो किसी ने गोबर गैस प्लांट पर दूसरे व्यक्ति का कब्जा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने की शिकायत की। वहीं, आदेश होने के बावजूद पांच साल से जमीन का बंटवारा और नक्शा दुरुस्त नहीं होने का मामला भी सामने आया। इसके अलावा मारपीट और राजीनामे के लिए दबाव बनाने की शिकायत भी की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए। स्थगन के बावजूद कर दिया जमीन का बंटवारा जनसुनवाई में ग्राम ररुआ जीवन निवासी रामबिहारी शर्मा ने तहसीलदार इंदरगढ़ और पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आवेदन में बताया कि वर्ष 1991 में उन्होंने सर्वे नंबर 325/1/1 की 0.08 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी, जिसका वर्तमान सर्वे नंबर 355 है। आवेदक के अनुसार, जमीन को लेकर एसडीएम सेवढ़ा के न्यायालय में बीएनएसएस की धारा 164 के तहत प्रकरण विचाराधीन है। न्यायालय ने 26 मई 2026 को स्थगन आदेश जारी किया था। इस आदेश को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका भी 30 जुलाई को खारिज हो चुकी है। इसके अलावा दीवानी न्यायालय सेवढ़ा में भी जमीन को लेकर मामला विचाराधीन है। रामबिहारी शर्मा का आरोप है कि इसके बावजूद 28 सितंबर 2026 को बिना सूचना दिए जमीन का बंटवारा कर दिया गया। उन्होंने तहसीलदार और पटवारी की भूमिका की जांच कराने और बंटवारा निरस्त करने की मांग की। गोबर गैस प्लांट पर दूसरे का कब्जा दर्ज करने की शिकायत डिरौलीपार निवासी रामसिंह कुशवाह ने शिकायत की कि मौजा बधावली के सर्वे नंबर 748 पर उन्होंने गोबर गैस प्लांट बनवाया था। उनका आरोप है कि पटवारी ने राजस्व रिकॉर्ड में रामसिंह पुत्र हरचरण और कैलाश पुत्र साधूराम का कब्जा दर्ज कर दिया। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कराने और सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने की मांग की। पांच साल से बंटवारे और नक्शा सुधार का इंतजार इंदरगढ़ तहसील के ग्राम सिलौरी निवासी खेमदास और जमुनादास ने भी राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि ग्राम जुझारपुर में खसरा नंबर 1 की 0.32 हेक्टेयर और खसरा नंबर 2 की 0.47 हेक्टेयर जमीन के बंटवारे के लिए वर्ष 2021 से आवेदन लंबित है। आवेदकों के अनुसार, अपर आयुक्त ग्वालियर संभाग और एसडीएम सेवढ़ा के आदेश होने के बावजूद अब तक न तो जमीन का बंटवारा किया गया और न ही नक्शे में गलत डाली गई लाइन को सुधारा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी दबंग उन्हें जमीन अपने नाम कराने की धमकी दे रहे हैं। आवेदकों ने बंटवारा कराने और नक्शे में सुधार करने की मांग की। मारपीट और राजीनामे के दबाव की शिकायत ग्राम ररुआ जीवन निवासी विमला वाल्मीकि ने साहिल उर्फ टकले परिहार, बबलू परिहार और अन्य लोगों पर मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए। आवेदन के अनुसार, 25 अक्टूबर को पुराने मामले में राजीनामा करने का दबाव बनाते हुए आरोपियों ने कुल्हाड़ी और डंडों से हमला किया था। इस मामले में इंदरगढ़ थाने में अपराध दर्ज कराया गया है। विमला ने आरोप लगाया कि 2 नवंबर को भी आरोपी परिवार के सदस्यों के साथ फरसा और बंदूक लेकर मारपीट करने के इरादे से आए थे। उन्होंने परिवार को गांव में नहीं रहने देने की धमकी भी दी। आवेदिका ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। जनसुनवाई में मिली शिकायतों पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों की जांच करने, नियमानुसार कार्रवाई करने और तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



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