![]()
राजधानी भोपाल की विशेष न्यायालय एनडीपीएस में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों को सबसे अधिक सजा हो रही है। पिछले दो वर्षों के दौरान विशेष अदालत द्वारा निपटाए गए कुल 30 मामलों में से 28 मामलों में आरोपियों को सख्त सजा सुनाई गई है। 93.33% के इस कनविक्शन रेट (दोषसिद्धि दर) के साथ भोपाल की विशेष एनडीपीएस कोर्ट पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गई है। भोपाल कोर्ट में एनडीपीएस मामलों की पैरवी विशेष लोक अभियोजक विक्रम सिंह और मनोज त्रिपाठी कर रहे हैं। विक्रम सिंह ने बताया कि 28 मामलों में तस्करों को सजा हुई है। महज 2 मामलों में पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बरी किया गया। भोपाल कोर्ट में औसतन लगभग 50 केस सुनवाई के लिए पहुंच रहे हैं। भोपाल में 30 मामलों में से 28 मामलों में आरोपियों को सख्त सजा राष्ट्रीय स्तर पर पैरवी का प्रशिक्षण दे रहे भोपाल के विशेष लोक अभियोजक भोपाल के विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस कोर्ट) देश भर की जांच एजेंसियों और सुरक्षा बलों को कानूनी पहलुओं पर केस की पैरवी की ट्रेनिंग दे रहे हैं। उप नियोजक अभियोजन राजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड में लगभग 1500 पुलिसकर्मी, अभियोजक और डॉक्टर, भारत सरकार की एनसीबी, आईटीबीपी, बीएसएफ और कस्टम विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा मप्र सीएपीटी, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भौंरी, एसडीएम, भोपाल आबकारी विभाग, सागर अभियोजन कार्यालय और नरसिंहगढ़ पुलिस को भी कानूनी ट्रेनिंग दी जा रही है। सुनवाई – भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के न्यायालयों में विशेष एनडीपीएस कोर्ट की स्थिति एक समान है। यहां हर साल तस्करों से जुड़े औसतन 50 मामले सुनवाई के लिए पहुंचते हैं। औसतन 15 से 20 मामलों में फैसला आता है। इसके आधार पर हर साल का कनविक्शन रेट तय होता है।
publish_date
ग्वालियर में 67% और जबलपुर में 31.25% मामलों में सजा:भोपाल की NDPS कोर्ट में 93% नशा तस्करी केसों में सजा, मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा
