ISBT कुमेड़ी में बनकर तैयार हो चुका है।
इंदौर के कुमेड़ी में करीब 15 एकड़ (5.85 हेक्टेयर) में 100 करोड़ रुपए की लागत से ISBT तैयार हो गया है। यह केवल बसों से आवागमन की सुविधा ही नहीं देगा, बल्कि बस, मेट्रो और भविष्य में रेलवे को जोड़ने वाले एकीकृत परिवहन केंद्र के रूप में काम करेगा।
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इस ISBT से मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए 1500 से ज्यादा बसें संचालित की जाएंगी। टर्मिनल के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी बीवीजी इंडिया लिमिटेड (पुणे) को सौंपी गई है। आधुनिक बस टर्मिनल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है।
यहां आईटी सेक्टर के ऑफिसों के साथ रेस्टोरेंट और कई दुकानें भी संचालित होंगी। सुरक्षा के मद्देनजर 225 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

यात्रियों को मिलेंगी कई सुविधाएं
ISBT में यात्रियों को पेड पार्किंग, पैकेट फूड, रेस्टोरेंट, ऑफिस, कोरियर, पार्सल, एटीएम और वीआईपी लाउंज सहित कई सुविधाएं मिलेंगी।
18 टिकट काउंटर, सामने वेटिंग एरिया
बस टर्मिनल में 18 टिकट काउंटर होंगे, जहां से अलग-अलग राज्यों के लिए टिकट मिल सकेंगे। यहां मध्य प्रदेश सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात के लिए बसें संचालित होंगी।
इसके साथ ही यहां वेटिंग एरिया भी विकसित किया जा रहा है, जहां यात्री बैठकर बसों का इंतजार कर सकेंगे। शुरुआत में महाराष्ट्र और राजस्थान की बसें यहां से संचालित करने की योजना है।
आने वाले समय में यहां रेलवे टिकट काउंटर की सुविधा देने की भी योजना है, ताकि यात्री यहीं से टिकट बुक कर सकें। इसके अलावा एक वातानुकूलित वीआईपी लाउंज भी रहेगा।

ISBT के बेसमेंट में 400 से ज्यादा टू व्हीलर, फोर व्हीलर पार्क हो सकेंगे।
23 दुकानें अंदर, 12 दुकानें बाहर
बस टर्मिनल के अंदर 23 दुकानें तैयार की गई हैं। हालांकि, इन दुकानों पर केवल पैकेट फूड आइटम ही बेचे जा सकेंगे। यहां खाना बनाकर नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य दुकानें भी संचालित होंगी।
ये सभी दुकानें किराए पर दी जाएंगी। वहीं, बस टर्मिनल के बाहर 12 दुकानें रहेंगी, जहां बसों के ऑफिस बनेंगे। इन दुकानों का किराया उनके आकार के अनुसार तय होगा।
फूड जोन में मिलेगा पसंद का खाना
बस टर्मिनल के अंदर अलग फूड जोन बनाया गया है। इसे गोलाकार आकार में तैयार किया गया है, जिसमें अलग-अलग रेस्टोरेंट संचालित हो सकेंगे। टर्मिनल के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर रेस्टोरेंट होंगे।
यहां खाना बनाकर सर्व करने की सुविधा रहेगी। यात्री अपनी पसंद का खाना और व्यंजन ले सकेंगे। यहां कुल 16 रेस्टोरेंट तैयार किए गए हैं। इनमें 4 बड़े रेस्टोरेंट करीब 1800 स्क्वेयर फीट के और बाकी 12 रेस्टोरेंट 450 स्क्वेयर फीट के हैं। ये भी किराए पर दिए जाएंगे।
देखिए, बस टर्मिनल की तस्वीरें…

कुमेड़ी में तैयार किया गया ISBT इस तरह आएगा नजर।

टर्मिनल गेट से अंदर देवी अहिल्या बाई होलकर, राजबाड़ा, लालबाग और महेश्वर घाट भी दिखेगा।

फर्स्ट फ्लोर पर 33 ऑफिस बनाए गए हैं।

फूड जोन में मौजूद रेस्टोरेंट्स यात्रियों को पसंद का खाना उपलब्ध कराएंगे।।

बस ड्राइवरों-कंडेक्टरों के लिए भी रुकने की व्यवस्था रहेगी।

बस टर्मिनल में 18 टिकट काउंटर बनाए गए हैं।

बस टर्मिनल में बनीं 23 दुकानें।

बेसमेंट में 400 गाड़ियों की रहेगी पार्किंग।
आईटी के 33 ऑफिस पहली मंजिल पर
ISBT की पहली मंजिल पर आईटी सेक्टर के लिए 33 ऑफिस तैयार किए गए हैं। इनमें अलग-अलग कंपनियां अपने ऑफिस संचालित कर सकेंगी।
खास बात यह है कि पहली मंजिल को कांच के ब्रिज के जरिए फूड जोन से जोड़ा गया है, ताकि ऑफिस के लोग सीधे रेस्टोरेंट पहुंच सकें। ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था भी रहेगी।

ड्राइवर-कंडक्टरों के अलग बिल्डिंग
बस टर्मिनल में जहां बस खड़ी होंगी उसके पास ही एक बिल्डिंग बनाई गई है यहां पर करीब 50 से ज्यादा बस ड्राइवरों-कंडेक्टरों के रुकने, सोने, खाने की व्यवस्था रहेगी। यहां सामान्य शुल्क पर ड्राइवर-कंडेक्टर यहां रुक सकेंगे।
