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बड़वानी के अंजड़ में शुक्रवार को माता के प्रति आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिला। ग्राम केसरपुरा से पहली बार सर्वसमाज की ओर से चुनरी यात्रा निकाली गई। अयोध्याधाम स्थित श्रीराम मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद ढोल-ताशों के साथ शुरू हुई यात्रा में 250 से अधिक महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने करीब 15 किलोमीटर का सफर चार घंटे में नंगे पैर तय किया और सतपुड़ा की पहाड़ी पर स्थित नगरी माता मंदिर पहुंचकर माता को 51 फीट लंबी चुनरी अर्पित की। नंगे पैर निकले श्रद्धालु, हाथों में भगवा ध्वज चुनरी यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पैरों में जूते-चप्पल नहीं पहने थे। सभी नंगे पैर चलते हुए माता के जयकारे लगा रहे थे। पुरुषों और युवाओं के हाथों में भगवा ध्वज थे, जबकि लाल चुनरी की साड़ी पहनी 100 से अधिक महिलाओं ने 51 फीट लंबी चुनरी थाम रखी थी। ‘जय माता दी’ के जयघोष और ढोल-ताशों की गूंज के बीच श्रद्धालु उत्साह से आगे बढ़ते रहे। नगर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत शुक्रवार सुबह यात्रा ने गायत्री मंदिर तिराहे से नगर में प्रवेश किया। यहां से अस्पताल चौक, जटाशंकरी चौक और होली टवड़ा होते हुए श्रद्धालु नगरी माता मंदिर पहुंचे। नगर में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए फलाहार, मिक्चर और फल-फ्रूट की व्यवस्था भी की गई। नगरी माता मंदिर में 51 फीट की चुनरी अर्पित सतपुड़ा की पहाड़ी पर स्थित नगरी माता मंदिर पहुंचने पर मंदिर समिति ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दोनों माताओं का पूजन-अर्चन कर 51 फीट लंबी चुनरी अर्पित की। उन्होंने क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा। ग्रामीणों का सम्मान, हर साल यात्रा निकालने का संकल्प आयोजन के बाद नगरी माता मंदिर समिति ने प्रमुख ग्रामीणजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही ग्रामवासियों को नगरी माता का चित्र भेंट किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि सर्वसमाज की ओर से पहली बार आयोजित इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि अब हर साल केसरपुरा से नगरी माता मंदिर तक चुनरी यात्रा निकाली जाएगी।
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केसरपुरा से निकली चुनरी-यात्रा, 15 किमी नंगे पांव चले श्रद्धालु:हर साल यात्रा निकालने का संकल्प; 4 घंटे में मंदिर पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
