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उमरिया जिले में धान उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन की समय-सीमा समाप्त हो गई है। इस बार पिछले साल की तुलना में 626 अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, लेकिन धान का पंजीकृत रकबा 6,374.57 हेक्टेयर कम हो गया है। किसानों की संख्या बढ़ने और रकबा घटने के आंकड़े चर्चा का विषय बने हुए हैं। 626 किसान बढ़े, रकबा 6,374 हेक्टेयर घटा पिछले वर्ष जिले में 27,946 किसानों ने 49,928.24 हेक्टेयर रकबे में धान उपार्जन के लिए पंजीयन कराया था। इस वर्ष 28,572 किसानों ने 43,553.67 हेक्टेयर रकबे के लिए पंजीयन कराया है। इस तरह किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि पंजीकृत रकबे में गिरावट दर्ज की गई है। मानपुर में सबसे ज्यादा किसानों का पंजीयन पंजीयन के आंकड़ों के अनुसार, मानपुर में सबसे अधिक 14,742 किसानों ने पंजीयन कराया है। इसके अलावा चंदिया में 5,542, बिलासपुर में 2,900, बांधवगढ़ में 1,676, करकेली में 1,376, नौरोजाबाद में 1,205 और पाली में 1,131 किसानों ने पंजीयन कराया है। धान उपार्जन के लिए 35 केंद्र बनाने की तैयारी पंजीयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जिले में धान उपार्जन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके लिए करीब 35 केंद्र बनाए जाने हैं। जिला प्रशासन इन केंद्रों के संचालन और खरीदी की व्यवस्था को लेकर तैयारी कर रहा है। एग्री स्टैक से हुआ पंजीयन पंजीकृत रकबे में कमी को लेकर प्रभारी खाद्य अधिकारी रोहित सिंह ने बताया कि उन्हें इसकी वजह की जानकारी नहीं है। इस बार हुए पंजीयन का डेटा एग्री स्टैक के माध्यम से प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों को पंजीयन कराने में परेशानी हुई थी। उनकी समस्या के समाधान के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
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धान पंजीयन में 626 किसान बढ़े, रकबा 6375 हेक्टेयर घटा:उमरिया में 31 केंद्रों पर होगी खरीदी; तैयारी में जुटा प्रशासन
