![]()
धार शहर में एएसआई संरक्षित विजय मंदिर परिसर में हिंदू उत्सव समिति की ओर से विजय उत्सव और सामूहिक दशहरा मिलन समारोह परंपरागत उल्लास के साथ मनाया गया। धानमंडी चौराहे से शुरू हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विजय मंदिर पहुंची। रास्ते में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम के स्वरूप के दर्शन, पूजन और आरती के बाद श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम और राजा भोज के जयकारे लगाए। संतों ने दिया संस्कृति, संस्कार और एकता का संदेश समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. सुमनानंद गिरि, श्रीमहंत रामेश्वरगिरि महाराज, श्री सत्या गिरि महाराज और श्री शिव आत्मानंद गिरि महाराज भी शामिल हुए। हिंदू उत्सव समिति की ओर से संतों का शाल और श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया। स्वामी डॉ. सुमनानंद गिरि ने सनातन संस्कृति, सत्य, आस्था और सद्भाव की परंपरा को बनाए रखने का संदेश दिया। वहीं, श्रीमहंत रामेश्वरगिरि महाराज ने समाज से सकारात्मकता, संस्कार और एकता के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। 1952 में केसरीमल सेनापति ने शुरू की थी परंपरा समिति के मीडिया प्रभारी मोहन राठौर ने बताया कि इस ऐतिहासिक स्थल पर विजय उत्सव मनाने की परंपरा वर्ष 1952 में केसरीमल सेनापति ने शुरू की थी। इसके बाद प्रेम प्रकाश खत्री, ताराचंद अग्रवाल और गंगासहाय सेनापति ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। वर्तमान में हिंदू उत्सव समिति पूरी निष्ठा से इसका निर्वहन कर रही है। विजय मंदिर और लाट मस्जिद के नाम से जाना जाता है परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में मौजूद यह ऐतिहासिक परिसर स्थापत्य कला की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां प्राचीन अवशेषों के साथ प्रसिद्ध लौह स्तंभ के हिस्से भी मौजूद हैं। इस परिसर की विशेषता यह है कि हिंदू समाज यहां विजयादशमी पर विजय उत्सव और सामूहिक दशहरा मिलन समारोह आयोजित करता है, जबकि मुस्लिम समाज ईद के अवसर पर इसी परिसर में नमाज अदा करता है। मुस्लिम समाज इस स्थल को लाट मस्जिद मानता है, जबकि हिंदू समाज के लोग इसे विजय मंदिर कहते हैं। समिति के पदाधिकारी और समाजजन रहे मौजूद आयोजन में हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष बाबूलाल गहलोत, भोज उत्सव समिति के संरक्षक विश्वास पांडे सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन राजेश शुक्ला ने किया। अंत में सकल हिंदू समाज की ओर से आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम की तस्वीरें देखें
publish_date
संतों ने दिया सनातन संस्कृति और एकता का संदेश:विजय मंदिर परिसर में हिंदू उत्सव समिति ने मनाया दशहरा मिलन समारोह
