![]()
बड़वानी में नर्सिंग छात्राओं का छात्रवृत्ति, फीस और अंकसूची को लेकर आंदोलन गुरुवार को 11वें दिन भी जारी रहा। छात्राएं एसपी निवास के सामने कारंजा चौपाटी पर कड़ी धूप में धरना दे रही हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन खत्म कराने के लिए धरना स्थल से सामान हटा दिया गया। छात्राओं ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। छात्राओं के मुताबिक, दशहरे के बाद धरना स्थल से टेंट, बैनर-पोस्टर, गद्दे और पानी का डिब्बा गायब हो गए। बुधवार सुबह करीब 25 छात्राएं धरना स्थल पर पहुंचीं तो सामान नहीं मिला। इसके बाद छात्राएं छात्र नेता सुमेर सिंह बड़ोले के साथ थाने पहुंचीं और सामान गायब होने की शिकायत कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। छात्र नेता सुमेर सिंह बड़ोले ने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त कराने के उद्देश्य से धरना स्थल का सामान हटाया गया है। हालांकि, सामान किसने हटाया, यह स्पष्ट नहीं है। 39 हजार की जगह 60 से 65 हजार रुपए फीस लेने का आरोप छात्र नेता सुमेर सिंह बड़ोले के अनुसार, नियमानुसार प्रति विद्यार्थी 39 हजार रुपए फीस ली जानी थी, लेकिन कॉलेज ने आवास और अन्य मदों के नाम पर 60 से 65 हजार रुपए तक वसूले। छात्रा पायल वास्कले ने बताया कि प्रथम वर्ष में कोरोना काल के दौरान भी 65 हजार रुपए फीस ली गई थी। दूसरे वर्ष में आवास भत्ते की एक किस्त मिली, जबकि बाकी राशि विद्यार्थियों को खुद जमा करनी पड़ी। छात्राओं का कहना है कि छात्रवृत्ति नहीं आने के कारण उन पर घर से फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। पांच की अंकसूची लंबित, 25 के पंजीयन प्रपत्र अटके छात्राओं के अनुसार, पांच विद्यार्थियों की अंकसूची अब तक लंबित है, जबकि 25 विद्यार्थियों के पंजीयन प्रपत्र आगे नहीं भेजे गए हैं। इससे उनकी पढ़ाई और आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। छात्राएं लंबित अंकसूची और जरूरी दस्तावेज जारी करने, फीस संबंधी विवाद सुलझाने तथा छात्रवृत्ति की समस्या का निराकरण करने की मांग कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक कारंजा चौपाटी पर धरना जारी रहेगा।
publish_date
11 दिन से धरना, नर्सिंग छात्राओं का सामान गायब:39 हजार की जगह 65 हजार रुपए फीस वसूली का आरोप, अंकसूची और छात्रवृत्ति भी अटकी
