![]()
छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। मुख्य द्वार पर लगे छत्तों से बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर परिसर में मौजूद लोगों पर टूट पड़ीं। हमले से जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही देर में पार्किंग परिसर खाली हो गया। इस दौरान कवरेज के लिए पहुंचे 3 मीडियाकर्मी और जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए 6 लोगों को मधुमक्खियों ने काट लिया। हमले से बचने के लिए कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी भी अपने कमरों में चले गए और दरवाजे बंद कर लिए। कुछ देर बाद मधुमक्खियों का झुंड शांत हुआ, तब परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी। मुख्य द्वार पर वर्षों से बने हैं मधुमक्खियों के छत्ते कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर मधुमक्खियों के दो से तीन छत्ते लंबे समय से बने हुए हैं। पूर्व में भी कई बार मधुमक्खियां परिसर में मौजूद लोगों पर हमला कर चुकी हैं। इसके बावजूद छत्तों से निजात दिलाने के लिए अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कलेक्टर कार्यालय में बैठक लेने पहुंचे थे। इससे पहले टीम ने मुख्य द्वार पर लगे छत्तों को हटाया था। हालांकि, कुछ समय बाद मधुमक्खियों ने दोबारा छत्ते बना लिए। जनसुनवाई में आने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल कलेक्टर कार्यालय जिले का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। जनसुनवाई के दिन परिसर में लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में मुख्य द्वार पर छत्ते बने रहना और बार-बार हमले की घटनाएं होना चिंता का विषय है। मंगलवार की घटना ने एक बार फिर इस समस्या की गंभीरता सामने ला दी। प्रशासन के सामने अब छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटवाने और दोबारा ऐसी घटना रोकने के लिए स्थायी इंतजाम करने की जरूरत है।
publish_date
छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान मधुमक्खियों का हमला:परिसर में मची भगदड़, जान बचाकर भागे लोग; 9 को काटा
