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उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर जबलपुर में जिला महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद से ही महिला कार्यकर्ताओं और देशभर की महिलाओं में आक्रोश व्याप्त है। इस नियुक्ति को लेकर महिला कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराते हुए शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रशासन की ओर से एसडीएम नीता कोरी ने ज्ञापन लिया। जबलपुर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रियंका सोनी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब दो बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संदिग्ध भूमिका वाले व्यक्ति को राज्यपाल जैसे उच्च संवैधानिक पद पर बैठाना देश की न्याय व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस फैसले से आम जनता का न्याय प्रणाली पर से विश्वास डिग रहा है। राज्यपाल को हटाने की मांग महिला कांग्रेस ने मांग की है कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम को तत्काल प्रभाव से राज्यपाल के पद से हटाया जाए। प्रियंका सोनी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और आरोपियों को संरक्षण देने का काम कर रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय दिलाने और इस मामले में शामिल सभी दोषियों व उनके संरक्षकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर उनका आंदोलन निरंतर जारी रहेगा। जब तक पीड़िता के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, महिला कांग्रेस सड़क से लेकर राष्ट्रपति भवन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
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अंकिता भंडारी केस को लेकर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन:दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद से हटाने की मांग, जबलपुर में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
