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अशोकनगर जिले में नरवाई और पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देश पर किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए जागरूक किया जा रहा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पराली जलाना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। पिछले साल हुई थीं 510 घटनाएं खरीफ सीजन 2025 में जिले में पराली जलाने की 510 घटनाएं सामने आई थीं। इस बार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी दल बनाए गए हैं। इनमें सरपंच, पंचायत सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जिन पंचायतों में पराली जलाने की एक भी घटना नहीं होगी, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। कंबाइन हार्वेस्टर में SMS अनिवार्य जिले में फसल कटाई करने वाले सभी कंबाइन हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) लगाना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले हार्वेस्टर मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 13 बायोएनर्जी यूनिट खरीद रहीं फसल अवशेष जिले में स्थापित 13 बायोएनर्जी यूनिट किसानों से मक्का और सोयाबीन के फसल अवशेष खरीद रही हैं। इससे किसान फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उपयोग कर सकेंगे। कम पानी वाली फसलों की बोवनी की सलाह जिले में औसत 882 मिमी बारिश के मुकाबले इस वर्ष 796.25 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसे देखते हुए कृषि विभाग किसानों को गेहूं की कम पानी वाली किस्मों के साथ सरसों, चना और मसूर की बोवनी करने की सलाह दे रहा है।
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अशोकनगर में पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध:पिछले साल 510 मामले आए थे सामने, कंबाइन हार्वेस्टर में SMS लगाना अनिवार्य; किसानों पर लगेगा जुर्माना
