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इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय प्रथमेश जायभाय की हत्या के मामले में मराठा समाज ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। बुधवार को समाज के लोगों ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने और शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रथमेश की 12 अक्टूबर 2026 की रात बजरंग नगर में पशुपतिनाथ मंदिर के पास हत्या हुई थी। समाजजनों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले में शामिल बताए जा रहे कृष्णा और उसके भाई धीरज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कृष्णा और धीरज की गिरफ्तारी की मांग समाजजनों का आरोप है कि हत्याकांड में शामिल दो मुख्य आरोपी कृष्णा और उसका भाई धीरज अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनका कहना है कि पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कृष्णा और धीरज के शामिल होने की बात कही है। इसके बावजूद पुलिस ने न तो दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है और न ही उन्हें प्रकरण में आरोपी बनाया है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में दोनों भाइयों का आतंक है और धीरज अन्य आरोपियों को लगातार संरक्षण देता रहा है। CCTV फुटेज समय पर नहीं जुटाने का आरोप ज्ञापन में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। प्रतिनिधियों का कहना है कि फरियादी पक्ष की ओर से बार-बार आग्रह करने के बावजूद पुलिस ने घटना के समय के महत्वपूर्ण CCTV फुटेज समय पर एकत्र नहीं किए। समाजजनों ने कहा कि नाबालिग की हत्या से पूरे समाज में भय और रोष है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT गठित करने और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
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नाबालिक प्रथमेश हत्याकांड में SIT जांच की मांग:इंदौर में मराठा समाज ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में सौंपा ज्ञापन, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
