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ग्वालियर में एजी ऑफिस के पास स्थित दारुल कुरआन मदरसे से रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों में से 23 को मंगलवार को बाल कल्याण समिति (CWC) ने उनके परिजनों को सौंप दिया। सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) पूरी होने और परिजन के शपथ पत्र जमा करने के बाद बच्चों को बाल गृह से छोड़ा गया। वहीं, दस्तावेजों का सत्यापन पूरा नहीं होने के कारण चार बच्चों को फिलहाल बाल गृह में ही रखा गया है। कागजी प्रक्रिया से परेशान हुए परिजन, महिला बेहोश पिछले पांच दिनों से ग्वालियर में रुके परिजन को जरूरी दस्तावेज और शपथ पत्र जुटाने में काफी परेशानी हुई। मंगलवार शाम CWC कार्यालय के बाहर नागपुर से आई एक महिला तनाव और थकान के कारण बेहोश हो गई। परिजन का कहना था कि प्रशासन सभी औपचारिकताएं उन्हीं से पूरी करवा रहा है। हालांकि, उनका दावा था कि बच्चे पहले कभी प्रताड़ना या मारपीट की शिकायत नहीं करते थे। मदरसे से 500 से अधिक किताबें मिलीं, शिक्षा विभाग करेगा जांच छापेमारी के दौरान मदरसे से 500 से अधिक उर्दू धार्मिक पुस्तकें जब्त की गई थीं। अब शिक्षा विभाग से इनकी जांच कराने की तैयारी है, ताकि पुस्तकों में मौजूद पाठ्य सामग्री का पता लगाया जा सके। दूसरी ओर, राजस्व विभाग ने वर्ष 1940 का मिसिल बंदोबस्त रिकॉर्ड खंगाला, तो 12 बिस्वा (लगभग 12,500 वर्गफीट) जमीन मस्जिद के नाम दर्ज मिली। जरूरी अनुमतियों के बिना चल रहा था मदरसा प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मदरसा संचालक केवल फर्म्स एंड सोसायटी के पंजीयन के आधार पर इसका संचालन कर रहे थे। वे मदरसा चलाने के लिए जरूरी वैधानिक अनुमतियां पेश नहीं कर सके। छापेमारी के दौरान बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं और बिस्तरों की कमी मिली थी। खाने की व्यवस्था भी बदहाल बताई गई। अंतिम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई प्रशासन अब बाल कल्याण समिति की विस्तृत अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद बच्चों को अवैध रूप से रखने और नियमों के उल्लंघन के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मदरसे से रेस्क्यू बच्चों को लेने पहुंचे परिजन परेशान:ग्वालियर में CWC दफ्तर के बाहर नागपुर की महिला बेहोश; 23 बच्चे परिवारों को सौंपे
