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यदि आप भी इंटरनेट पर किसी डॉक्टर, अस्पताल या सर्विस सेंटर का कॉन्टैक्ट नंबर खोजते हैं, तो सतर्क हो जाएं। ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में इंटरनेट पर मिले एक डॉक्टर के मोबाइल नंबर पर कॉल करना युवक को भारी पड़ गया। शातिर साइबर ठगों ने डॉक्टर का नंबर देने और महज ₹5 की फीस काटने के बहाने युवक के मोबाइल में मालवेयर ऐप डाउनलोड करा दिया। इसके बाद मोबाइल की स्क्रीन ब्लॉक कर उसके खाते से ₹2,57,991 पार कर दिए। घटना 16 अक्टूबर 2026 की सुबह 10:30 बजे की है। युवक के मुताबिक, पांच रुपए का ट्रांजैक्शन करते ही उसका मोबाइल हैंग हो गया था। जब उसने मोबाइल रीस्टार्ट किया, तब तक अलग-अलग खातों से 9 बार में रकम निकाली जा चुकी थी। गूगल से लिया नंबर, फिर दूसरे नंबर से आया फोन मुरार के आर्मी चौराहा, बड़ागांव रोड निवासी 33 वर्षीय आकाश यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे उन्हें डॉक्टर खोजेमा सैफी (थाटीपुर) को दिखाना था। उन्होंने डॉक्टर का नंबर इंटरनेट पर सर्च किया और वहां मिले नंबर 9395772450 पर कॉल किया। दूसरी ओर से बात करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह दूसरे नंबर से कॉल करवाएगा। इसके तुरंत बाद मोबाइल नंबर 8638892450 से आकाश के पास फोन आया। ₹5 की रसीद का झांसा देकर भेजी लिंक कॉल करने वाले ठग ने बताया कि डॉक्टर को दिखाने के लिए ₹5 की रसीद कटेगी। इसके लिए उसने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजी और जानकारी भरने को कहा। जैसे ही आकाश ने जानकारी भरकर ₹5 भेजे, ठग ने उन्हें एक और मोबाइल नंबर दिया और उस पर दोबारा ₹5 भेजने को कहा। ‘अपडेट इंस्टॉलिंग’ लिखा आया, स्क्रीन हुई ब्लॉक आकाश के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने दूसरे नंबर पर ₹5 भेजे, उनके मोबाइल की स्क्रीन पर ‘Update Installing’ लिखा आया और स्क्रीन पूरी तरह ब्लैक होकर ब्लॉक हो गई। घबराकर आकाश ने मोबाइल से सिम निकालकर फोन बंद कर दिया। करीब एक घंटे बाद जब उन्होंने सिम डालकर मोबाइल चालू किया, तो उनके बैंक खातों और फाइनेंस अकाउंट्स से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे। आकाश यादव के मुताबिक, ठगों ने अलग-अलग खातों और ऐप्स के जरिए ₹2.57 लाख से अधिक की रकम निकाल ली। उनके अनुसार, अलग-अलग खातों और ट्रांजैक्शन से रकम निकाली गई है। पुलिस ने दर्ज किया साइबर फ्रॉड का केस सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि ठगी के बाद पीड़ित आकाश यादव ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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₹5 की फीस का लिंक भेजा,गायब हो गए ₹2.57 लाख:ग्वालियर में इंटरनेट पर डॉक्टर सर्च करना पड़ा भारी, मालवेयर ऐप से स्क्रीन ब्लॉक कर उड़ाए पैसे
