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सागर संभाग के कमिश्नर दिलीप कुमार ने शुक्रवार को छतरपुर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में निर्माण कार्य में लगी टाइल्स और पत्थरों की फिनिशिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और सफाई पर असंतोष जताते हुए पत्थरों की घिसाई और फिनिशिंग ठीक कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मृणाल मीना और जिला पंचायत CEO नमः शिवाय अरजरिया भी मौजूद रहे। मरीजों से इलाज और दवाओं की जानकारी ली कमिश्नर ने अस्पताल के वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी यूनिट और दवा वितरण केंद्र का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार, दवाओं और भोजन व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से कहा कि मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी जरूरी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराने और डॉक्टरों की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बोले- टाइल्स और पत्थरों का डिजाइन 25-30 साल पुराने दौर जैसा निर्माण की गुणवत्ता देखने के दौरान कमिश्नर ने टाइल्स और पत्थरों के डिजाइन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इनका डिजाइन 25-30 साल पुराने दौर जैसा है। निर्माण में सफाई और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखे जाने पर भी उन्होंने सवाल किए। कमिश्नर ने पत्थरों की घिसाई और फिनिशिंग बेहतर कराने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों के बैठने की व्यवस्था सुधारने और पीने के पानी की सुविधा बेहतर करने को कहा। मीडिया के सवाल पर बोले- अब तो निर्माण हो चुका है निर्माण की गुणवत्ता को लेकर मीडिया के सवालों के जवाब में कमिश्नर ने कहा, “अब तो निर्माण हो चुका है।” इसके बाद उन्होंने मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार करने और पत्थरों की फिनिशिंग बेहतर कराने के निर्देश दिए। देखें तस्वीरें
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कमिश्नर ने अस्पताल निर्माण की फिनिशिंग पर सवाल उठाए:छतरपुर जिला अस्पताल में टाइल्स-पत्थरों का डिजाइन 25-30 साल पुराना बताया; सुधार के निर्देश दिए
