![]()
रायसेन के सागर रोड स्थित ग्राम बनखेड़ी में कम वोल्टेज के कारण किसानों की 8 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। किसानों के मुताबिक, इससे करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने अपने खर्च पर 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाकर स्थायी बिजली कनेक्शन लिए थे। आरोप है कि बिजली लाइन में अवैध रूप से मोटरें जोड़कर पानी खींचने के कारण खेतों तक पर्याप्त वोल्टेज नहीं पहुंचा। इससे कुओं और ट्यूबवेल में पानी होने के बावजूद सिंचाई नहीं हो सकी। हालात ऐसे बने कि किसानों को खड़ी धान की फसल पर बखरनी चलानी पड़ी। अब उन्हें अगली फसल की बुआई के लिए खेतों में पलेवा करने की चिंता है। ट्रांसफार्मर पर बढ़ा लोड, आखिरी छोर तक नहीं पहुंचा वोल्टेज किसानों का कहना है कि ट्रांसफार्मर की क्षमता के मुकाबले अधिक मोटरें चलने से बिजली का लोड बढ़ गया। इससे लाइन के आखिरी छोर पर स्थित खेतों तक पर्याप्त वोल्टेज नहीं पहुंचा। कम बारिश के कारण पहले ही फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया था। बिजली की समस्या ने भी सिंचाई रोक दी। किसानों के मुताबिक, उन्होंने बिजली कंपनी में कई बार शिकायत की, लेकिन अवैध कनेक्शन नहीं हटाए गए। फसल बर्बाद होने से अब खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। रामभरोसे लोधी की 5 एकड़ धान बर्बाद ग्राम बनखेड़ी के किसान रामभरोसे लोधी ने बताया कि उन्होंने अन्य किसानों के साथ मिलकर 63 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया था। उनके मुताबिक, इसकी क्षमता के हिसाब से करीब 10 से 12 मोटरें चल सकती थीं, लेकिन 20 से 25 लोगों ने बीच में अवैध रूप से लाइन जोड़कर मोटरें चला लीं। रामभरोसे का खेत बिजली लाइन के आखिरी छोर पर है। वहां पर्याप्त वोल्टेज नहीं पहुंचने से सिंचाई नहीं हो सकी और उनकी 5 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। उन्हें फसल पर बखरनी चलानी पड़ी। पड़ोसी किसान की 3 एकड़ फसल भी बर्बाद रामभरोसे के पड़ोसी किसान हीरालाल अहिरवार ने बताया कि पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से उनके खेत में भी सिंचाई नहीं हो सकी। इससे 3 एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई। उन्हें भी खड़ी फसल पर बखरनी चलानी पड़ी। अब दोनों किसानों समेत प्रभावित किसानों को अगली फसल की बुआई से पहले खेतों में पलेवा करने की चिंता सता रही है।
publish_date
कम वोल्टेज से 8 एकड़ में धान की फसल बर्बाद:रायसेन में किसानों ने खड़ी फसल पर चलाया बखरनी, बोले- लागत भी नहीं निकलेगी
