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सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन कराने के लिए बुधवार शाम मेडिकल कॉलेज के पास बंजली तिराहे पर अचानक विशेष चलित (मोबाइल) कोर्ट द्वारा संघन चेकिंग अभियान चलाया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेटों की मौजूदगी में अचानक हुई कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड यात्री बसों, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और बिना बीमा दौड़ रहे वाहनों पर कड़ा एक्शन लिया गया। कुछ वाहन चालक इधर-उधर फोन लगाकर बात कराने की कोशिश करते रहे। लेकिन किसी की भी नहीं चली। नियमों का उल्लंघन करने वालों से मौके पर ही चालानी कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया। जब्ती की चेतावनी पर कटा चालान चेकिंग के दौरान रतलाम से सैलाना जा रही ‘सागर बस’ को रोककर जांच की गई। बस ओवरलोड यात्रियों से ठसाठस भरी थी और कई छात्र भीड़ में खड़े थे। यह देखकर जजों ने बस क्लीनर को जमकर लताड़ लगाई और कहा कि बच्चों को खड़ा क्यों रखा है, उन्हें बैठाना चाहिए। इतने यात्रियों को क्यों बस में चढ़ाया। चालानी कार्रवाई से बचने के लिए क्लीनर काफी देर तक इधर-उधर होता रहा। लेकिन मोबाइल कोर्ट के सदस्यों ने एक न सुनी। बस को थाने में जब्त कराने की चेतावनी दी। आखिरकार क्लीनर ने 1500 रुपये का चालान कटवाया। कोशिशें रहीं नाकाम कार्रवाई के दौरान बिना सीट बेल्ट, बिना हेलमेट और बाइक पर तीन सवारी बैठकर जाने वाले कई चालकों को रोका गया। कई लोग तरह-तरह के बहाने बनाने लगे और अपनी पहुंच बताकर मोबाइल पर बात कराने की कोशिश करने लगे। हालांकि, मौके पर चलित अदालत खुद मौजूद होने के कारण किसी की सिफारिश काम नहीं आई और सभी के चालान काटे गए। कार्रवाई में यह रहे शामिल इस संयुक्त कार्रवाई में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जितेंद्र रावत के साथ मजिस्ट्रेट अनुपम तिवारी, ब्रजेश कुमार रावत, प्रवेश काबरा, विवेक माल, लवनीश जगधंगे और अरुणसिंह राठौड़ शामिल रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से औद्योगिक थाना प्रभारी अमित कोरी तथा ट्रैफिक थाना प्रभारी हेमंत पाटीदार, सूबेदार अनोखीलाल परमार पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। अभियान के दौरान स्पेशल चलित कोर्ट ने 26 चालान काटे, वहीं औद्योगिक क्षेत्र थाना व ट्रैफिक पुलिस ने भी अलग-अलग चालानी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा की गई यह पूरी कार्रवाई भी स्पेशल चलित कोर्ट के मामलों में शामिल की जाएगी। जागरूक करना ही मुख्य उद्देश्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जितेंद्र रावत ने दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए कहा कि अदालत में पेश होने वाले मामलों में लगातार यह बात सामने आ रही है कि जिले में अत्यधिक संख्या में लोग बिना बीमा के वाहन चला रहे हैं। दुर्घटना होने पर जब क्लेम की राशि बनती है, तो पक्षकारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रतलाम जिले में लगभग 70 से 80 प्रतिशत वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं, जिस पर पुलिस विभाग का ध्यान सही ढंग से नहीं जा पा रहा था। इस कारण चलित मोबाइल कोर्ट के माध्यम से आज कार्रवाई की गई। इस अभियान का उद्देश्य किसी को परेशान करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है। यह एक रूटीन चेकिंग है, जो आने वाले 15 से 20 दिनों तक प्रतिदिन जारी रहेगी।
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जज बोले- रतलाम में 80प्रतिशत वाहन बिना बीमा चल रहे:सड़क पर अचानक चेकिंग करने उतरी विशेष चलित कोर्ट टीम; फोन लगाकर बचते दिखे लोग
