जबलपुर पुलिस ने लौटाईं 6 साल की बेटी की यादें:ग्राहक ने चाय दुकानदार का मोबाइल मांगा और ले गया, फोन में थे फोटो-वीडियो




एक साल तक किश्तें चुकाकर खरीदा मोबाइल गुम हुआ तो गणेश केशरवानी को आर्थिक नुकसान से ज्यादा बेटी के बचपन की यादें खोने का दुख था। मोबाइल में बेटी के जन्म से लेकर छह साल तक की फोटो और वीडियो थीं। गुम 86 मोबाइल गुरुवार को जबलपुर पुलिस ने उनके मालिकों को लौटाए तो गणेश के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। मोबाइल में बेटी की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गणेश ने इसे पुलिस की ओर से दीपावली का तोहफा बताया। आधुनिक सर्विलांस और ट्रैकिंग तकनीक से पता किया संजीवनी नगर निवासी गणेश छोटी सी चाय की दुकान चलाते हैं। उनके पास पहले कीपेड मोबाइल था, जो दुकान पर पानी के काम के दौरान अक्सर खराब हो जाता था। एक साल पहले पत्नी और बेटी की जिद पर उन्होंने 17 हजार रुपए का स्मार्टफोन किश्तों पर खरीदा था। इसमें परिवार और रिश्तेदारों से बातचीत के साथ बेटी की फोटो और वीडियो भी बनाते थे। करीब एक महीने पहले उनकी दुकान पर चाय पीने आया एक व्यक्ति बातचीत के लिए मोबाइल मांगकर ले गया। इसके बाद वापस नहीं आया। गणेश ने तत्काल मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आधुनिक सर्विलांस और ट्रैकिंग तकनीक की मदद से मोबाइल तलाशना शुरू किया और आखिरकार उसे खोज निकाला। गणेश ने बताया कि मोबाइल खोने का दुख तो था, लेकिन सबसे ज्यादा चिंता बेटी के बचपन की यादों को लेकर थी। फोन में उसकी छह साल तक की फोटो और वीडियो थीं, जिन्हें दोबारा हासिल करना संभव नहीं था। मोबाइल मिलने पर जब उन्होंने तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित देखीं तो भावुक हो गए। बेटी की यादें सुरक्षित मिलना सबसे बड़ी खुशी गणेश ने कहा, किश्तों का नुकसान अपनी जगह था, लेकिन मेरी बच्ची की तस्वीरें और वीडियो मेरे लिए अनमोल थीं। पुलिस प्रशासन की तत्परता और त्वरित कार्रवाई के लिए दिल से आभार। आज ऐसा लग रहा है, जैसे पुलिस ने दीपावली का तोहफा दे दिया है। 15 लाख रुपए के 86 मोबाइल लौटाए एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि साइबर पुलिस लगातार गुम हुए मोबाइल तलाशकर उनके मालिकों को सौंप रही है। दीपावली से पहले भी 86 मोबाइल लोगों को लौटाए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 15 लाख रुपए है। एसपी ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं, तत्काल नजदीकी थाने या आधिकारिक पोर्टल पर IMEI नंबर के साथ शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल की ट्रैकिंग में आसानी होती है।



publish_date

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *