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धनतेरस के अवसर पर आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि के पूजन के बीच इंदौर में आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली का दायरा निरंतर विस्तृत हो रहा है। शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय एवं अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, परामर्श एवं उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में सतत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में जहां ओपीडी में 57,294 मरीज पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 71,905 दर्ज किया गया, जो कि 25.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। चालू वर्ष 2026 के प्रथम 10 महीनों में ही लगभग 60,000 मरीज उपचार ले चुके हैं। पंचकर्म एवं आधुनिक थैरेपी
अस्पताल के प्राचार्य डॉ. अजित पाल सिंह चौहान के अनुसार, संस्थान में प्रतिवर्ष 1 लाख से अधिक पंचकर्म प्रक्रियाएं निष्पादित की जाती हैं। मरीजों को उपचार के साथ-साथ दिनचर्या सुधारने का मार्गदर्शन भी दिया जाता है। मोबाइल एप के माध्यम से आवश्यक सावधानियों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कैंसर केयर का विस्तार
शल्य तंत्र विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश भार्गव ने बताया, वर्ष 2020 में स्थापित कैंसर यूनिट में शुरुआती वर्ष में 73 मरीज आए थे। 2025 में 1,000 से अधिक ने उपचार कराया। आधुनिक चिकित्सा के उपरांत होने वाली जटिलता में राहत के लिए मरीज यहां ओजोन थैरेपी ले रहे हैं। महिला एवं बाल स्वास्थ्य
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अष्टांग अस्पताल का विश्लेषण:आयुर्वेद पर बढ़ा भरोसा – 3 वर्ष में ओपीडी में 25% मरीज बढ़े
