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मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी सोमवार को जिला जेल पन्ना पहुंचे। यहां उन्होंने केन-बेतवा, रुंझ और मंझगांय सहित अन्य परियोजनाओं के विस्थापितों के हक की लड़ाई लड़ रही दिव्या अहिरवार से मुलाकात की। दिव्या को कुछ दिन पहले एक मामले में जेल भेजा गया था। पटवारी ने मामले को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापितों की समस्याएं उठाने वालों पर कार्रवाई कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। जमीन और मुआवजे का मुद्दा उठाया जेल से बाहर आने के बाद पत्रकारों से चर्चा में पटवारी ने कहा कि पन्ना और छतरपुर में आदिवासियों की जमीन और विस्थापन का मुद्दा वर्ष 2015-16 से सामने आ रहा है। उनके मुताबिक, बांध परियोजनाओं के कारण कई लोगों के घर और संपत्तियां प्रभावित हुईं, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला। पटवारी ने आरोप लगाया कि दिव्या अहिरवार (24) ने विस्थापितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई तो उन पर मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने इसे दमनकारी कार्रवाई बताते हुए कहा कि कांग्रेस विस्थापितों के हक की लड़ाई जारी रखेगी। एसपी और प्रशासन पर भी लगाए आरोप पटवारी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘हत्यारी सरकार’ कहा। उन्होंने पन्ना की एसपी पर अहंकार और दिव्या के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। पटवारी ने कहा कि आदिवासियों और विस्थापितों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। तस्वीरे देखिए… जहरीली शराब और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया पटवारी ने प्रदेश में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सागर, देवास और मुरैना में जहरीली शराब से मौतों का आरोप लगाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। इसके अलावा छिंदवाड़ा और बालाघाट में बच्चों की मौतों तथा इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का जिक्र किया। इन घटनाओं के आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पटवारी ने आबकारी मंत्री के निजी सहायक के एक करोड़ रुपए से जुड़े मामले में निलंबन का उल्लेख करते हुए विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ कांग्रेस जनता के बीच जाकर आवाज उठाएगी।
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दिव्या अहिरवार से मिलने पन्ना जेल पहुंचे जीतू पटवारी:बोले-इस सरकार की अंग्रेजों से भी बदतर व्यवस्था; जमीन और मुआवजे का मुद्दा उठाया
