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नर्मदापुरम जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद खेतों में आग लगाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात रोहना-सांवलखेड़ा के बीच स्टेट हाईवे किनारे खेतों में नरवाई जला दी गई। देखते ही देखते आग आसपास के खेतों तक फैल गई। करीब 50 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में नरवाई जलकर राख हो गई। रात के अंधेरे में दूर-दूर तक आग की लपटें और धुएं का गुबार दिखाई दिया। खेतों से उठता धुआं स्टेट हाईवे तक पहुंच गया। इससे सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को आंखों में जलन का सामना करना पड़ा। ड्रोन से निगरानी और कार्रवाई के दावों के बीच जमीनी हकीकत प्रशासन नरवाई जलाने पर रोक लगाने के लिए लगातार अपील और ड्रोन से निगरानी करने की बात कह रहा है। इसके बावजूद खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नरवाई जलने पर जिम्मेदारी किसकी होगी, यह तय होना चाहिए। इसके लिए एसडीएम, तहसीलदार, जनपद, ग्राम पंचायत सचिव और कोटवार की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए गए। नरवाई जलाने पर किसान के खिलाफ कार्रवाई का दावा जिला प्रशासन और कृषि विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि जिन खेतों में नरवाई जलाई गई है, उनके मालिक या संबंधित किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आगे भी नरवाई जलाने वालों पर इसी तरह कार्रवाई की जाएगी।
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नर्मदापुरम में स्टेट हाईवे किनारे खेतों में जलाई नरवाई:रोहना-सांवलखेड़ा के पास खेतों में लगी आग, धुएं से राहगीरों की आंखों में जलन
