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पन्ना की ऐतिहासिक पद्मावतीपुरी में अंतरराष्ट्रीय शरद पूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत श्रद्धा और उल्लास के साथ हुई। पूनम की चांदनी में महामति श्री प्राणनाथ जी मंदिर के बंगला जी दरबार साहब से श्री राज जी महाराज की सवारी रासमंडल के लिए रवाना हुई। इस दौरान ‘रास के रमइया की जय’ और ‘श्री प्राणनाथ प्यारे की जय’ के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। आराध्य का दिव्य सिंहासन लेकर चल रहे पुजारियों के पीछे हजारों श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पूरी रात रास में शामिल हुए। चांदनी रात में घरों की छतों पर रखी खीर शरद पूर्णिमा पर श्री जी की सवारी निकलने के साथ अमृत वर्षा होने की मान्यता है। इसी आस्था के चलते लोगों ने अपने घरों की छतों पर चांदनी में खीर रखी और सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। मंदिर परिसर के ब्रह्म चबूतरा पर रातभर चले समागम में मध्यरात्रि को हजारों सुंदरसाथ श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु महोत्सव में गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, सिक्किम, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। नेपाल, अमेरिका और कनाडा से भी सुंदरसाथ शामिल हुए। अलग-अलग भाषाओं और वेशभूषा के बावजूद सभी श्रद्धालु भजन-कीर्तन में एक साथ नजर आए। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया। पंचमी तक चलेगा जागनी रास श्री 108 प्राणनाथ जी मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, पांच दिवसीय महोत्सव श्री राज जी-श्यामा जी की अखंड रासलीला की स्मृति में आयोजित किया जाता है। रविवार को दिनभर वाणी गायन और चर्चा के कार्यक्रम हुए। देशभर से आए संतों ने महामति प्राणनाथ जी के संदेशों का वाचन किया। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पंचमी तक जागनी रास की लीलाएं जारी रहेंगी। तस्वीरे देखिए… जीतू पटवारी ने की पूजा-अर्चना महोत्सव में पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश में सुख-शांति व समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि पन्ना धाम धर्म और संप्रदाय के भेद से ऊपर उठकर प्रेम के जरिए लोगों को जोड़ने का संदेश देता है। मंदिर ट्रस्ट के पूर्व सचिव राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि यह महोत्सव पन्ना की पुरानी परंपरा, भाईचारे और आस्था का प्रतीक है।
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पन्ना में शरद पूर्णिमा पर देर रात बरसा 'अमृत':पद्मावतीपुरी 'रास के रमइया' के जयकारों से गूंजी; 50 हजार श्रद्धालु शामिल
