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अफीम नीति में देरी पर किसानों ने नारकोटिक्स विभाग घेरा:10 आरी पट्टे और 1 लाख रुपए प्रति किलो अफीम मूल्य की मांग को लेकर ज्ञापन दिया




अफीम नीति 2026-27 घोषित करने में हो रही देरी के विरोध में मंदसौर में गुरुवार को किसान नेता श्यामलाल जोकचंद की अगुवाई में अफीम उत्पादक किसानों ने नारकोटिक्स विभाग का घेराव किया। सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे से पैदल मार्च निकालकर जिला अफीम अधिकारी कार्यालय पहुंचे किसानों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें पात्र किसानों को 10 आरी के चिरा पद्धति वाले पट्टे जारी करने, 1997-98 में काटे गए पट्टे बहाल करने और अफीम का समर्थन मूल्य एक लाख रुपए प्रति किलो तय करने सहित कई मांगें रखी गईं। नीति जारी नहीं होने से फसल की तैयारी अटकी किसान नेता श्यामलाल जोकचंद ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा कि अफीम नीति घोषित नहीं होने से किसान आगामी फसल की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर पूरे संसदीय क्षेत्र के किसानों के साथ प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द नीति घोषित नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सांसद सुधीर गुप्ता पर साधा निशाना जोकचंद ने सांसद सुधीर गुप्ता पर तंज कसते हुए कहा, “हमारा जो सांसद है, जिसे जनता ने जीताकर लोगों और किसानों के लिए काम करने भेजा, वह भेड़-बकरियां चरा रहे हैं।” उन्होंने राज्यसभा सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंशीलाल गुर्जर पर भी निशाना साधा। जोकचंद ने कहा कि गुर्जर ने 15 अक्टूबर तक अफीम नीति घोषित होने की बात कही थी, लेकिन 22 अक्टूबर तक नीति जारी नहीं हुई। डोडाचूरा का मूल्य एक लाख रुपए क्विंटल करने की मांग ज्ञापन में किसानों ने सीपीएस पद्धति के बजाय पारंपरिक चिरा पद्धति से खेती के पट्टे देने, नए पात्र किसानों को लाइसेंस जारी करने और डोडाचूरा की खरीदी प्रदेश सरकार से पहले की तरह कराने की मांग की। किसानों ने डोडाचूरा का मूल्य बढ़ाकर एक लाख रुपए प्रति क्विंटल करने और अफीम की फसल को फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग भी रखी। इसके अलावा किसानों ने मांग की कि डोडाचूरा में मॉर्फिन की मात्रा 0.2 प्रतिशत से कम होने पर उसे एनडीपीएस एक्ट के दायरे से बाहर करने के लिए कानूनी संशोधन किया जाए। ज्ञापन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 समाप्त करने की मांग भी शामिल है। पांच दिन में नीति घोषित करने की मांग जिला अफीम अधिकारी बीएन कुमार ने बताया कि अफीम नीति में देरी के कारण किसानों ने प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने पांच दिन में नीति घोषित करने की मांग की है। किसानों से ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसे उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा।



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