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स्ट्रोक यानी लकवा और पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारी को लेकर आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में इंदौर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आवेग भंडारी ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उनकी लिखी स्ट्रोक जागरूकता पर आधारित पुस्तक का जयपुर में आयोजित इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की 33वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में विमोचन किया गया। इस पुस्तक की खासियत यह है कि इसे आठ भाषाओं में तैयार किया गया है, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी को आसानी से समझ सकें। 8 भाषाओं में उपलब्ध है पुस्तक
डॉ. भंडारी के मुताबिक, यह स्ट्रोक पर दुनिया की पहली बहुभाषीय मौलिक पुस्तक है। इसमें अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, गुजराती, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं को शामिल किया गया है। पुस्तक का उद्देश्य जटिल चिकित्सकीय जानकारी को सरल भाषा में आम लोगों तक पहुंचाना है, ताकि स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानकर मरीज समय रहते विशेषज्ञ डॉक्टर तक पहुंच सकें और उचित उपचार मिल सके। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया विमोचन
जयपुर में आयोजित कॉन्फ्रेंस में पुस्तक का विमोचन इंडियन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी नरसिम्हा, सचिव डॉ. यू. मीनाक्षीसुंदरम और कोषाध्यक्ष डॉ. अचल श्रीवास्तव ने किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर से करीब 3100 न्यूरोलॉजिस्ट शामिल हो रहे हैं। डॉ. आवेग भंडारी वर्तमान में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ न्यूरो सोसाइटी के सचिव हैं।
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इंदौर के न्यूरोलॉजिस्ट ने 8 भाषाओं में लिखी किताब:स्ट्रोक के लक्षण और इलाज अब लोग समझ सकेंगे; राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हुआ विमोचन
