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शरद पूर्णिमा पर रविवार को दतिया शहर के तमाम मंदिरों में दिनभर दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। धवल चांदनी के नीचे खीर रखकर भगवान को भोग लगाया गया, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में बांटा गया। नगर के करीब दो दर्जन से अधिक मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और ताजा फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया था, जहां देर रात तक खीर प्रसाद का वितरण चलता रहा। इस मौके पर काली माता मंदिर में विशेष पूजा-अनुष्ठान और महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने शामिल होकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। स्वास्थ्य के लिए वरदान है खीर का सेवन ज्योतिषाचार्य पंडित रविन्द्र तिवारी ने बताया कि विजयादशमी से लेकर शरद पूर्णिमा तक चंद्रमा की किरणों में एक खास तरह की ऊर्जा और औषधीय गुण आ जाते हैं। इस दौरान चंद्रमा की चांदनी में बैठने या उस प्रकाश में रखी गई खीर का सेवन करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में का सुधार होता है। चांदनी स्नान कर भक्तों ने लिया प्रसाद मंदिरों में भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए। लोग खुले आसमान के नीचे चांदनी स्नान करते हुए खीर का प्रसाद ग्रहण करते दिखे।
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दतिया में शरद पूर्णिमा पर मंदिरों में खीर का वितरण:पंडित बोले- विजयादशमी से पूर्णिमा तक चंद्रमा की किरणों में औषधीय गुण आ जाते
