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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पांच दिवसीय ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0’ का समापन गुरुवार को छतरपुर में हो गया। करीब 500 किलोमीटर का सफर तय कर पांच जिलों से गुजरी इस यात्रा का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। यात्रा के दौरान विभिन्न जनसभाओं के माध्यम से लोगों को सामाजिक एकता बनाए रखने, जातिगत भेदभाव मिटाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार, अभियान के तहत हजारों गांवों और नगरों तक पहुंचकर लोगों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित किया गया और इसकी शपथ भी दिलाई गई। ‘देश को बाद में जगाएं, पहले अपने घर को जगाएं’
छतरपुर में यात्रा के समापन के दौरान बागेश्वर सरकार ने कहा कि कुछ विरोधियों को लगता था कि यह यात्रा पूरी नहीं हो पाएगी, लेकिन सनातनियों के सहयोग और समर्थन से अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने कहा, “देश को बाद में जगाया जाए, पहले अपने घर को जगाया जाए।” उनके इस संदेश में परिवार और समाज के भीतर जागरूकता लाने तथा सामाजिक बदलाव की शुरुआत अपने घर से करने पर जोर दिया गया। बेटियों को सशक्त बनाने पर दिया जोर
बागेश्वर सरकार ने बेटियों को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने यात्रा के आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों और समर्थकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्हें लोगों से जो प्रेम और समर्थन मिला है, उसका कर्ज वे जीवनभर नहीं चुका पाएंगे। यात्रा के दौरान सामाजिक एकता, नशामुक्ति और सनातन परंपराओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। जनसभाओं में लोगों से नशे से दूर रहने और समाज में आपसी भेदभाव समाप्त करने की अपील की गई। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ समापन
पांच दिनों तक चले इस अभियान का समापन छतरपुर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों और जनसभाओं के जरिए लोगों तक सामाजिक एकता और नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया गया। करीब 500 किलोमीटर की यात्रा के जरिए आयोजकों ने बुंदेलखंड में नशामुक्ति, सामाजिक सद्भाव और जातिगत भेदभाव समाप्त करने के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू यात्रा का छतरपुर में समापन:कहा- देश को बाद में पहले घरों को जगाएं; भेदभाव समाप्त करने की अपील
