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विस्थापितों के सत्याग्रह के बाद कई मुद्दों पर सहमति:टीनशेड परिवारों की जांच पर 5 नवंबर तक निर्णय; पिछोड़ी में 100 से ज्यादा प्लॉट की तैयारी




बड़वानी में सरदार सरोवर बांध विस्थापितों का दो दिन का सत्याग्रह गुरुवार को खत्म हुआ। बैठक में पुनर्वास से जुड़े कई मुद्दों पर सहमति बनी। एसडीएम ने अंजड़ या पाटी नाका के टीनशेड में रहने वाले परिवारों की जांच पर 5 नवंबर तक लिखित निर्णय देने की बात कही। पिछोड़ी में जमीन पर भूखंड विकसित करने की प्रक्रिया भी तय हुई। 2019 में डूबे परिवारों की पात्रता पर सहमति बैठक में तय हुआ कि 2017 की सूची के बजाय 2019 में डूबे सभी परिवारों को पात्रता के लिए आधार माना जाएगा। पंचनामे और सूचियों के आधार पर प्रक्रिया होगी। पक्के मकान की शर्त में पक्की छत को भी पक्का माना जाएगा। जिन परिवारों ने बड़ा भूखंड लौटाकर नकद राशि ली थी, उन्हें छोटा भूखंड देने पर भी सहमति बनी। इसके साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4.60 लाख रुपए देने की बात कही गई। पिछोड़ी में 10 हेक्टेयर जमीन पर बनेंगे भूखंड पिछोड़ी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) की 10 हेक्टेयर यानी करीब 26 एकड़ जमीन पर 100 से ज्यादा भूखंड विकसित किए जा सकते हैं। फसल कटने के 15 दिन बाद जमीन का कब्जा लेकर सीमांकन और विकास कार्य किया जाएगा। तहसीलदार ने इसकी जिम्मेदारी ली है। खेड़ी वसाहट में किसी परिवार ने आवंटित प्लॉट स्वीकार नहीं किया तो प्रभावित परिवार को भूखंड दिया जाएगा। सिरसानी वसाहट में भी प्लॉट देने पर सहमति बनी। सोंदूल वसाहट के अस्वीकार्य प्लॉट से जुड़े आवेदन 22 अक्टूबर को GRA को भेजे गए। 3,491 परिवारों की सूची 23 अक्टूबर को मिलेगी बड़वानी जिले में 1992 से 1999 के बीच बड़े प्लॉट लौटाकर नकद राशि लेने वाले 3,491 परिवार हैं। इनमें से कितने परिवारों को छोटा भूखंड मिला, इसकी सूची 23 अक्टूबर को देने की बात कही गई। राजघाट के दुकानदारों को कसरावद रोड पर भूखंड का लेआउट भेजा गया है। अतिक्रमण के संबंध में नोटिस दिए जाएंगे। कुकरा के 22 परिवारों को गुजरात में खारी जमीन देने का मामला GRA में लंबित है। छोटा बड़दा के 84 परिवार भी असामाजिक इकाई से जुड़े मामले में शामिल हैं। 60 लाख रुपए का अनुदान अटका करीब 60 लाख रुपए का अनुदान GRA अध्यक्ष का पद खाली होने के कारण रुका है। महिला और संयुक्त खातेदारों के रोके गए अनुदान पर सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2026 के आदेश के बाद विधि मंत्रालय के निर्णय का इंतजार है। कैलाश अवास्या और राजाराम के मामलों में 22 अक्टूबर को निर्णय होने की बात भी कही गई। बैठक में केवट समाज, धार के भूमिहीनों, मछुआरों, बैकवॉटर स्तर, रेत खनन, क्रूज और लिंक परियोजना सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा बाकी रही।



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