भास्कर संवाददाता । मुरैना सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक ओपी तिवारी को बुधवार रात 8 बजे जिस पिकअप ने टक्कर मारी वह सब्जी से ओवरलोड थी। पुलिस का दावा है कि एक बाइक का पीछा करते समय अचानक लोडिंग और आरक्षक तिवारी आमने सामने आ गए। जबकि यह कहानी यह भी सामने आ रही है कि जब ओवर लोड पिकअप को देखा तो वे इसे रोकने के लिए आगे बढ़े। लोडिंग चालक ब्रेक नहीं लगा सका और ओपी तिवारी जख्मी हो गए। देर रात ग्वालियर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह ग्वालियर में आरक्षक तिवारी का पीएम किया गया। ग्वालियर में अंतिम संस्कार हुआ। उनके बेटे आदित्य(19) ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनकी पत्नी संगीता और बेटी राधिका(15) का रो रोकर बुरा हाल है। टीआई उदयभान सिंह के अनुसार बुधवार रात को जनकपुर गांव में दबिश देने के समय तिवारी उनके साथ थे। वापस आकर तिवारी चेकिंग करने लगी। इसी दौरान एक बाइक को रोकने के लिए वे सड़क के बीच तक पहुंच गए। ट्रक को ओवरटेक करते समय अचानक लोडिंग वाहन और तिवारी का आमना सामना हुआ और लोडिंग उनके पास से गुजर गई। हादसे में तिवारी के पांव, पसली और सिर में चोट आई, इससे उनकी मौत हो गई। टीआई के मुताबिक लोडिंग क्रमांक यूपी 80 एचपी 5447 को उन्होंने जब्त कर लिया है। चालक भी गिरफ्तार हो गया है। 14 मार्च को शहरी थानों के लिए 10 बॉडी ऑन कैमरे, 10 शोल्डर लाइट, एलईडी बैटन खरीदे थे। सड़क खासकर नेशनल हाइवे पर ड्यूटी के दौरान रेडियम जैकेट, एलईडी बैटन पुलिस कर्मियों को मिलने चाहिए लेकिन यह थाने के मालखाने की ही शोभा बढ़ाते हैं। रात के समय दुर्घटना से बचने में यह उपकरण मदद करते हैं।
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सब्जी से ओवरलोड पिकअप की टक्कर से आरक्षक की मौत
