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इंदौर के प्रदेश के एकमात्र शासकीय डेंटल कॉलेज में मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। डेंटल मिरर और दूसरे औजारों पर जंग दिखाई देने की बात सामने आई है। कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 500 से ज्यादा मरीजों के इलाज में जंग लगे डेंटल मिरर और अन्य औजारों का उपयोग किया जा रहा है। दांतों की सफाई, फिलिंग और अन्य प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले दूषित डेंटल इंस्ट्रूमेंट्स से मरीजों में गंभीर संक्रमण का खतरा बना हुआ है। मरीज बोलीं- इलाज में इस्तेमाल किए ऐसे उपकरण इलाज कराने पहुंची शबाना बी ने बताया कि उनके उपचार में भी ऐसे उपकरण इस्तेमाल किए गए। पाटनीपुरा से आई एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि उन्हें सही इलाज चाहिए। मरीजों का कहना है कि उपकरणों की जांच करना डॉक्टरों और संबंधित प्रबंधन की जिम्मेदारी है। खराब उपकरणों को बदलना जरूरी विशेषज्ञों के मुताबिक, जंग लगे या खराब उपकरणों की जांच कर उन्हें इस्तेमाल से हटाना और बदलना चाहिए। साथ ही, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्टरलाइज किए गए हों। प्राचार्य बोलीं- मामले को दिखवाती हूं शासकीय डेंटल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. जया जोशी ने कहा, “यदि इस तरह के उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं, तो मैं दिखवाती हूं। इस मामले में ओपीडी के इंचार्ज से चर्चा की जाएगी।” कॉलेज प्रबंधन का पक्ष कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, प्रत्येक विभाग के एचओडी को नए उपकरणों की व्यवस्था करने का अधिकार है। इसके लिए बजट भी उपलब्ध कराया जाता है। संबंधित विभागों के एचओडी से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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सरकारी डेंटल कॉलेज में जंग लगे औजारों से इलाज:इंदौर के अस्पताल में मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़, रोजाना आते हैं 500 से अधिक मरीज
