सिरोंज में चार शिक्षक सम्मानित:पं. चंद्रमोहन शर्मा की जन्म शताब्दी पर समारोह; पद्मश्री महेश शर्मा और कलेक्टर हुए शामिल




सिरोंज में 5 नवंबर को आदर्श शिक्षक स्व. पं. चंद्रमोहन शर्मा की जन्म शताब्दी पर शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। लोक मंगल समिति की ओर से हुए कार्यक्रम में क्षेत्र के चार शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में पद्मश्री महेश शर्मा, डॉ. राजेश शर्मा, विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता और सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा मौजूद रहे। पद्मश्री महेश शर्मा ने शिक्षकों की भूमिका बताई कार्यक्रम में शिवगंगा अभियान, झाबुआ के पद्मश्री महेश शर्मा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। आरोग्य भारती मध्य प्रांत के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने अध्यक्षता की। महेश शर्मा ने कहा कि शिक्षक अपने शिष्यों के जरिए समाज और देश का भविष्य बनाते हैं। इसी वजह से शिक्षक को ईश्वर से भी बड़ा माना गया है। डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि भारतीय परंपरा में गुरु और गुरुकुल का विशेष सम्मान था। गुरु व्यक्ति का व्यक्तित्व बनाते थे और राजा भी उनके सामने नतमस्तक होते थे। उन्होंने कहा कि मैकाले की शिक्षा पद्धति ने शिक्षा का उद्देश्य नौकरी पाने वाले बाबू तैयार करना बना दिया। 37 से 43 साल तक पढ़ाने वाले शिक्षक सम्मानित समारोह में नारायण हरी सोनी, रामदयाल श्रीवास्तव, गजराज सिंह मीना और प्रो. लालचंद राजपूत को सम्मानित किया गया। नारायण हरी सोनी: इन्होंने 37 साल तक अलग-अलग स्कूलों में शिक्षक और प्राचार्य के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त हुए। रामदयाल श्रीवास्तव: इन्होंने 43 साल से अधिक समय तक शिक्षक और हेडमास्टर के रूप में काम किया। वर्ष 2010 में सेवानिवृत्त हुए। गजराज सिंह मीना: इन्होंने सिरोंज, विदिशा और लटेरी के स्कूलों में करीब 40 साल तक शिक्षक और प्रधान अध्यापक के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त हुए। प्रो. लालचंद राजपूत: सिरोंज के शासकीय लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के प्राचार्य हैं। उनके कार्यकाल में कॉलेज में कई विकास कार्य हुए और नए कोर्स शुरू किए गए। रात 8 बजे तक चला समारोह कार्यक्रम शाम 5 बजे के बाद शुरू हुआ और रात 8 बजे तक चला। इसमें विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता, सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा सहित सैकड़ों नागरिक शामिल हुए।



publish_date

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *