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डॉ. मोहन यादव सरकार दिग्विजय सिंह के कार्यकाल में शुरू हुई पंचायत राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार ग्राम सभा के अधिकार खत्म कर पंचायत समितियों को देने जा रही है, यह बदलाव अगले महीने संभावित है। जबकि पंचायत चुनाव दो माह पहले कराने की भी तैयारी है। मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव साल 2027 में होना है। सरकार 23 हजार पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के दो माह पहले ही चुनाव कराने की तैयारी में जुट गई है। साल 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जा रहा है। ताकि विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत स्तर तक अच्छी पकड़ बनाई जा सके। पंचायत मंत्री ने भी कर दी घोषणा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बालाघाट जिले के वारासिवनी जनपद की ग्राम पंचायत गर्रा में सरपंच सम्मेलन के ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को देने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले पंचायत चुनाव एक या दो महीने पहले कराए जाएंगे, ताकि नई पंचायतों को समय पर कार्यभार सौंपने की प्रक्रिया पूरी हो सके। चुनाव से पहले पंचायत राज नियमों में बदलाव किया जाएगा और नई व्यवस्था को लेकर नीति स्पष्ट कर दी जाएगी। ग्राम सभा की जगह पंचायत समितियों को मिलेंगे अधिकार मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत राज नियमों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। ग्राम सभा की अनिवार्यता बनी रहेगी, लेकिन उसके अधिकार पंचायत समितियों को दिए जाएंगे। इसके लिए एक महीने में नियमों का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। सरकार नवंबर तक इस बदलाव को लागू करने की तैयारी में है। गांव के विकास की मुख्य कड़ी है ग्राम सभा पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम सभा को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। गांव के विकास कार्यों, योजनाओं और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा के साथ कई फैसलों में उसकी भूमिका रहती है। ऐसे में ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को सौंपने का प्रस्ताव व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा। पंचायतें भी लगाएंगी टैक्स, दे रहे अधिकार मंत्री ने कहा कि पंचायतों को नगरपालिका की तरह टैक्स लगाने का अधिकार है। विभाग इस दिशा में भी काम कर रहा है। हालांकि, टैक्स लगाने की व्यवस्था में क्या बदलाव होंगे और पंचायतों को किन मदों में कर वसूलने का अधिकार मिलेगा, इसे लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। 25 दिसंबर को लोकार्पित होंगे 2472 पंचायत भवन पटेल ने बताया कि प्रदेश में 2,472 पंचायत भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इन भवनों का लोकार्पण 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों के डिजाइन में बदलाव कर उन्हें दो मंजिला बनाने की व्यवस्था की गई और प्रत्येक भवन के लिए 37.50 लाख रुपए दिए गए हैं। मंत्री के मुताबिक, विभाग ने 3,700 से ज्यादा सामुदायिक भवन भी बनवाए हैं। इनकी लागत 25 लाख से 48 लाख रुपए तक है। पांच हजार से अधिक आबादी वाली पंचायतों को कम से कम दो सामुदायिक भवन दिए गए हैं। 2022 में जून-जुलाई में हुए थे पंचायत चुनाव मध्य प्रदेश में पिछला पंचायत चुनाव जून-जुलाई 2022 में हुआ था। राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग चरणों के लिए तारीखें तय की थीं। अब कार्यकाल पूरा होने से एक या दो महीने पहले चुनाव कराने की मंत्री की घोषणा के अनुसार 2027 में चुनाव प्रक्रिया सामान्य समय से पहले शुरू हो सकती है। चुनाव एक जनवरी 2027 की स्थिति में तैयार मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने की बात कही गई है।
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एमपी में पंचायत चुनाव दो महीने पहले कराने की तैयारी:दिग्विजय सिंह के पंचायत राज व्यवस्था में बदलाव कर रही सरकार,ग्राम सभा के अधिकार पंचायत समितियों को मिलेंगे
