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Madhya Pradesh Urban Body Procurement Scam


नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्य प्रदेश।

मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में खरीदी और अन्य कामों में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे के वीडियो को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी

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7 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जेम पोर्टल से खरीदी के मामलों में की गई जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मामलों में 7 कर्मचारियों को सेवा से हटाने, 76 के इन्क्रीमेंट रोकने, 17 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन या महंगाई राहत में कटौती और 38 से आर्थिक नुकसान की वसूली के आदेश दर्ज हैं। वहीं, 22 कर्मचारियों को जांच में आरोप प्रमाणित नहीं होने पर दोषमुक्त किया गया। दो मामलों में संबंधित कर्मचारियों की मृत्यु के कारण कार्रवाई समाप्त की गई। इस वर्गीकरण से स्पष्ट है कि 146 की संख्या को सभी मामलों में दोषी साबित हुए अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या नहीं माना जा सकता।

जेम पोर्टल से खरीदी में सामने आईं ये गड़बड़ियां न्यूटन चिखली, छिंदवाड़ा: विभागीय दस्तावेज के मुताबिक, तत्कालीन सीएमओ नितिन बिजवे ने अपनी पत्नी के नाम से ऑनलाइन संस्था पंजीकृत कराकर जेम पोर्टल के माध्यम से सामग्री खरीदी। मामले में उनके तीन इन्क्रीमेंट रोकने और निलंबन अवधि को ड्यूटी नहीं मानने का निर्णय दर्ज है।

कोटर, सतना: 3,000 लीटर का वाटर टैंकर और ट्रैक्टर-ट्रॉली बाजार दर से ज्यादा कीमत पर खरीदने का मामला दर्ज है। तत्कालीन प्रभारी सीएमओ अंबिका प्रसाद साहू की मृत्यु के कारण उन पर दंड नहीं लगाया गया, लेकिन निकाय को हुई 3,95,215 रुपए की आर्थिक हानि की वसूली उनके देय सेवानिवृत्ति लाभों से की गई। उपयंत्री देवरत्न सोनी का एक इन्क्रीमेंट रोकने और 1,45,215 रुपए वसूलने का आदेश जारी हुआ।

सिवनी: हाईमास्ट पोल, हाईमास्ट लाइट, 26 वाट की एलईडी लाइट और शौचालय-मूत्रालय से जुड़ी सामग्री ज्यादा कीमत पर खरीदने की अनियमितता दर्ज है। तत्कालीन सीएमओ पूजा बुनकर के दो इन्क्रीमेंट रोकने और 7.16 लाख रुपए की आर्थिक क्षति वेतन से वसूलने के निर्देश दिए गए। संबंधित उपयंत्रियों के भी इन्क्रीमेंट रोकने और नुकसान की आनुपातिक राशि वसूलने के निर्देश हैं।

गुना: दस्तावेज में सक्षम वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी के बिना 20 कचरा वाहनों के स्थान पर केवल 10 वाहन खरीदने संबंधी अनियमितता दर्ज है। तत्कालीन प्रभारी सीएमओ संजय श्रीवास्तव और प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी हरीशबाबू शाक्यवार का एक-एक इन्क्रीमेंट रोकने का निर्णय दर्ज है।

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टेंडर और कोटेशन से खरीदी में भी अनियमितताएं धार: डामरीकरण सामग्री और डेलीनेटर की खरीदी से जुड़े दो प्रकरण दर्ज हैं। सेवानिवृत्त मुख्य लिपिक विजय कुमार शर्मा की पेंशन में दो साल तक 10% कटौती का उल्लेख है। डेलीनेटर मामले में विजय कुमार शर्मा और पुनीत तिवारी से 1,43,325-1,43,325 रुपए की वसूली का विवरण दिया गया है।

गुना: कीटनाशक पाउडर खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया से बचने के उद्देश्य से एक-एक लाख रुपए से कम की अलग-अलग फाइलें बनाकर कोटेशन पर सामग्री खरीदने का मामला दर्ज है। तत्कालीन प्रभारी सीएमओ संजय श्रीवास्तव और प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी हरीशबाबू शाक्यवार के एक-एक इन्क्रीमेंट रोकने का निर्णय हुआ।

तरीचरकलां, निवाड़ी: बाजार दर से ज्यादा कीमत पर घटिया सामग्री खरीदने से निकाय को 26.16 लाख रुपए का नुकसान होने का मामला दर्ज है। सेवानिवृत्त प्रभारी सीएमओ श्रवण कुमार द्विवेदी के सेवानिवृत्ति लाभों से 13.08 लाख रुपए की वसूली और दो साल तक पेंशन महंगाई राहत में 10% कटौती का निर्णय दिया गया।

ब्यौहारी, शहडोल: नलकूप खुदाई और सामग्री खरीदी में बाजार दर से अधिक कीमत देने की अनियमितता दर्ज है। तत्कालीन प्रभारी सीएमओ महेंद्र मिश्रा के दो इन्क्रीमेंट रोकने और 1.18 लाख रुपए वसूलने का उल्लेख है। तत्कालीन प्रभारी सीएमओ यशवंत वर्मा के भी दो इन्क्रीमेंट रोकने का निर्णय दर्ज है।

गोहद, भिंड: साल 2017 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना डस्टबिन खरीदने के मामले में तत्कालीन प्रभारी सीएमओ सुरेंद्र शर्मा और स्वच्छता निरीक्षक राघवेंद्र शर्मा के एक-एक इन्क्रीमेंट रोकने के साथ दोनों से 39-39 हजार रुपए वसूलने का निर्णय दर्ज है।

आर्थिक नुकसान के बड़े आंकड़े संख्यात्मक विश्लेषण में शहडोल संभाग की कुछ नगर परिषदों में नियमविरुद्ध संविलियन से करीब 3.20 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति का उल्लेख है। सीहोर में सड़क निर्माण से जुड़े मामले में 29.08 लाख रुपए, बिजुरी में अलग-अलग मामलों में 26.78 लाख और 19 लाख रुपए तथा पेटलावद में शासकीय दुकान आवंटन प्रक्रिया से जुड़े मामले में 19.87 लाख रुपए के नुकसान का ब्योरा दिया गया है।



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