Jhabua Children Death Mystery | Suspicion of Human Sacrifice & Investigation


झाबुआ के चुई गांव में कुएं से मिले 3 मासूमों के शव और उनके शरीर पर चोटों के निशान ने मामले को उलझा दिया है। परिजन का दावा है कि तीनों बच्चों के नाक-कान और जीभ कटे हुए थे, जबकि होंठों पर भी कटने के निशान थे। इसे लेकर ग्रामीणों ने नरबलि की आशंका जताई ह

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परिजन ने हत्या की साजिश की आशंका के साथ सीबीआई जांच की मांग की है। हालांकि, इन आशंकाओं की अब तक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों का इंतजार कर रही है।

विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि संदेह दूर करने के लिए जरूरी नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। साथ ही, कुएं में किसी जानवर की मौजूदगी की आशंका दूर करने के लिए उसे खाली कराकर जांचने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पूरे मामले को लेकर दैनिक भास्कर की टीम झाबुआ के चुई गांव पहुंची और ग्रामीण सहित पुलिस और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। बुधवार को तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

हादसे में तीनों बच्चों की मौत हो गई।

हादसे में तीनों बच्चों की मौत हो गई।

दो परिवारों के इकलौते बेटे थे विजय और मयंक

झाबुआ के चुई गांव में कुएं में डूबने से जान गंवाने वाले तीन बच्चों में विजय और मयंक अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। दोनों परिवारों ने अपने इकलौते बेटे को खो दिया। वहीं, विवेक के परिवार में दो भाई हैं।

तीनों बच्चों की मौत से परिवारों में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घरों में बच्चों की यादें हैं और परिवार इस दुखद घटना से उबर नहीं पा रहे हैं।

साइकिल मिलने के बाद कुओं में तलाशा, एक में मिला शव

परिजन संतोष के मुताबिक, तीनों बच्चे दशहरे की दोपहर करीब 3 बजे घर से निकले थे। शाम 4 बजे उनके लापता होने की जानकारी मिलने के बाद परिवार और ग्रामीण उन्हें तलाशने निकले। आसपास के खेतों में खोजबीन के दौरान बच्चों की साइकिल मिली। साइकिल मिलने की जगह के आसपास 3 कुएं थे।

ग्रामीणों ने कुओं में तलाश शुरू की। एक गहरे कुएं में ग्रामीण उतरे, जहां पहले एक बच्चे का शव मिला। इसके बाद बाकी दोनों बच्चों के भी उसी कुएं में होने की आशंका हुई। ग्रामीणों की मदद से तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले गए।

परिजन बोले- नाक-कान, जीभ और होंठ कटे हुए थे

परिजन संतोष ने दावा किया कि तीनों बच्चों के कान और जीभ कटे हुए थे तथा दांतों से होंठ भी कटे दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के शवों की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को हत्या की साजिश और नरबलि की आशंका है।

संतोष ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और सीबीआई से जांच कराने की मांग की।

तीन बच्चों की मौत की जानकारी मिलने के बाद एसपी देवेंद्र पाटीदार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर परिजन और ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने बच्चों की मौत को लेकर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

विधायक ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरी नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। साथ ही कुएं को खाली कराकर उसकी सफाई और जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों की आशंकाएं दूर हो सकें।

दशहरा की शाम को कुए से बच्चों के शवों को ग्रामीणों ने निकाल लिया।

दशहरा की शाम को कुए से बच्चों के शवों को ग्रामीणों ने निकाल लिया।

विधायक बोले- शुरुआती जांच में आशंका कम, फिर भी जांच जरूरी

झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने बताया कि डॉक्टरों की शुरुआती जांच में किसी तरह के बाहरी हस्तक्षेप की आशंका कम लग रही है। इसके बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी जरूरी नमूने लेकर आगे की जांच के लिए भेजे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि संबंधित अंगों, हड्डियों और अन्य जरूरी नमूनों की जांच कराई जाएगी, ताकि संदेह दूर हो सके। विधायक ने पुलिस को मामले में जल्द कार्रवाई करने और जरूरी नमूनों को संबंधित प्रयोगशालाओं तक तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं।

कुएं को खाली कराकर जांचने के निर्देश

विधायक डॉ. भूरिया ने कहा- कुएं में किसी जानवर की मौजूदगी की आशंका को भी पूरी तरह जांचना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन को कुएं का पानी निकालकर उसे खाली कराने और साफ करके देखने के निर्देश दिए।

उनका कहना था कि कुएं का पानी इस्तेमाल होता है और बच्चे वहां तैरते भी हैं, इसलिए उसकी पूरी जांच के साथ भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए।

अफसरों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और खुले हुए कुओं को देखा।

अफसरों ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और खुले हुए कुओं को देखा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने की आर्थिक सहायता की मांग

प्रत्यक्षदर्शी और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश डामोर का कहना है कि हमें जो शंका है, उस शंका के लिए हमने चर्चा की है। एसपी से चर्चा कर कुएं की जांच करने की मांग की गई है।

डामोर का कहना है कि यह देखना चाहिए कि उसमें क्या जानवर हो सकता है, क्या नहीं हो सकता, उसको पूरा पानी सब गांव वालों के सामने निकालकर, साफ करके उसको देखा जाएगा।

इस दुखद घड़ी में हम सरकार से भी एक मांग करते हैं कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए।

कुओं में भरा पानी खाली कराया जा रहा है।

कुओं में भरा पानी खाली कराया जा रहा है।

तीन खुले कुएं, किसी पर सुरक्षा मुंडेर नहीं

घटनास्थल के आसपास 3 कुएं हैं। इनमें सुरक्षा के लिए मुंडेर नहीं बनी थी। बच्चों की मौत के बाद यह पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है कि खुले कुओं के आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम थे।

पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है। कुएं किसके हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी जानकारी की पुष्टि भी जरूरी है।

थाना-प्रभारी बोले- जब्त सामग्री एफएसएल भेजेगी

थाना प्रभारी एसआर मंडलोई ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जब्त की गई सामग्री को फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी।

फिलहाल पुलिस को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से मिलने वाले निष्कर्षों का इंतजार है। एसडीएम महेश मंडलोई ने आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत तीनों मृत बच्चों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।

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