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मध्यप्रदेश के देवास में TI दिलीप पुरी को ट्रक से कुचलकर मारने वाले आरोपी ड्राइवर अक्कू को पुलिस ने गोली मार दी। देवास पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने भागने की कोशिश की थी। इसी दौरान पुलिस ने उस पर फायरिंग की। गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस आरोपी को आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर से पकड़कर खातेगांव ले जा रही थी। इसी दौरान देवास जिले के बरोठा के पास यह घटना हुई। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सीएम ने कहा था- शराब माफिया पर सख्त कार्रवाई हो इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की थी। उन्होंने शराब तस्करी और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को फ्री हैंड दिया था। सीएम ने कहा था कि शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध शराब का कारोबार पकड़े जाने पर संबंधित अफसरों की जिम्मेदारी तय होगी। दुकानों से लेकर सड़कों तक निगरानी के निर्देश मुख्यमंत्री ने शराब दुकानों पर नियमित चेकिंग करने और हर जिले में वाहनों की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए थे। सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाने और शराब दुकानों की पुलिस से निगरानी कराने को कहा था। इसके लिए आबकारी विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। ट्रक से कुचलकर TI की हुई थी मौत देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी रविवार रात अवैध शराब तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान शराब से भरे ट्रक के ड्राइवर को उन्होंने बाहर आने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दिया। ट्रक का पिछला पहिया TI के ऊपर चढ़ गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक CPR और इलाज किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद ड्राइवर ट्रक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया था और उसकी तलाश में टीमें लगाई थीं। पत्नी को SI की नौकरी, परिवार को 1 करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने TI दिलीप पुरी की मौत पर शोक जताते हुए उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। उनकी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति के तहत सब इंस्पेक्टर (SI) का पद देने की भी घोषणा की गई थी। दिलीप पुरी मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के बरमंडल गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी कविता और एक बेटा-बेटी हैं। उनके पिता ओमप्रकाश पुरी किसान होने के साथ कांग्रेस नेता हैं। दिलीप पुरी पहले सरकारी शिक्षक थे। वे धार जिले के बदनावर विकासखंड में शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे थे। उनकी पार्थिव देह को तिरंगे में लपेटकर पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया था। पैतृक गांव बरमंडल में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। ADEO और दो आबकारी आरक्षक सस्पेंड TI की मौत के मामले में आबकारी विभाग ने भी कार्रवाई की थी। हरदा के जिला आबकारी अधिकारी सुनील भोजने के मुताबिक, भारतेन्द्र जायसवाल से जुड़ी तीन शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए थे। सहायक जिला आबकारी अधिकारी (ADEO) अमरसिंह बघेल और दो आबकारी आरक्षक अरुण कुम्बरे तथा कृष्णपाल सिंह डोडिया को निलंबित किया गया था। टिमरनी की शराब दुकान को भी सील किया गया था। केरम सिंह गिरफ्तार, राहुल जायसवाल से SIT ने की पूछताछ पुलिस ने शराब माफिया केरम सिंह को आलीराजपुर जिले के बेहड़वा से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, TI को कुचलने वाले ट्रक में केरम सिंह की शराब रखी हुई थी। वहीं, हरदा के शराब कारोबारी राहुल जायसवाल सोमवार दोपहर दिल्ली से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे थे। यहां देवास SIT की टीम उन्हें अपने साथ ले गई थी। राहुल ने इससे पहले भास्कर से कहा था कि शराब की दुकान उनके रिश्तेदार पाटन जायसवाल की है और वहां भूपेंद्र सिंह राणा मैनेजर हैं। उन्होंने मामले से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया था। मामले की जांच के लिए देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने SIT गठित की थी। पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन ने कहा था कि शराब तस्करी नेटवर्क की कड़ियां सामने आ चुकी हैं। पुलिस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई करेगी। शराब तस्करी को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा TI की मौत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने घटना को कानून-व्यवस्था की हत्या की खुली घोषणा बताया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अवैध शराब कारोबार को सत्ता के संरक्षण में फलने-फूलने का आरोप लगाया था। उन्होंने तस्करी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा था कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके जवाब में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने मामले के तार कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल और उनके भाई मनीष जायसवाल की टिमरनी स्थित शराब दुकान से जुड़े होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से जवाब मांगा था। देवास में जहरीली शराब से मौतों के बाद भी उठे थे सवाल इससे पहले देवास जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर चंदाना और बिंजाना गांव में संदिग्ध जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया था। ग्रामीणों ने दोनों गांवों में 20 दिन के भीतर 13 से ज्यादा लोगों की मौत होने का दावा किया था। कई लोगों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की बात भी सामने आई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, मौतों का सिलसिला 27 सितंबर से शुरू हुआ था। शराब पीने के बाद लोगों को पेट दर्द, चक्कर, घबराहट और उल्टी की शिकायत हुई थी। कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई थी। देवास-सागर के एसपी और कलेक्टर भी बदले थे जहरीली शराब से मौतों के मामलों के बीच देवास और सागर के कलेक्टर-SP बदले गए थे। देवास में जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया समेत तीन आबकारी अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था। अब शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान TI की मौत और उसके बाद आरोपी ड्राइवर को गोली लगने की घटना ने जिले में अवैध शराब के कारोबार को फिर चर्चा में ला दिया है।
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MP में TI को कुचलने वाले ड्राइवर का शॉर्ट एनकाउंटर:देवास में भागने की कोशिश की, पुलिस ने पैर में गोली मारी; CM ने दिया था फ्री हैंड
