भोपाल 24 मिनट पहले
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धनतेरस से पांच दिन पहले 1 नवंबर को खरीदारी के लिए विशेष शुभ संयोग बन रहा है। रविवार को पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य योग बनेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे शुभ और दुर्लभ योग माना गया है। मान्यता है कि इस योग में सोना-चांदी, वाहन, मकान, जमीन और व्यापार से जुड़ी वस्तुएं खरीदने से समृद्धि आती है। इसे अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है। यानी इस दिन शुभ कार्यों के लिए अलग से मुहूर्त निकलवाने की जरूरत नहीं होती।
ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल के पंचांग कार्यकर्ता पं. विनोद गौतम के अनुसार, 1 नवंबर को सुबह 5:39 बजे पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो 2 नवंबर की सुबह 4:30 बजे तक रहेगा। रविवार होने के कारण पूरे दिन रवि पुष्य योग का प्रभाव रहेगा। इसके साथ ही सुबह 6:33 बजे से अगले दिन सुबह 4:30 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा।
खरीदारी के लिए दिन में दो शुभ मुहूर्त रहेंगे
खरीदारी के लिए दोपहर 11:42 से 12:27 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। वहीं, शाम को 5:36 से 6:02 बजे तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा।

सोना-चांदी से लेकर वाहन और प्रॉपर्टी खरीदना शुभ
पं. गौतम के मुताबिक, 27 नक्षत्रों में पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। इसके देवता देवगुरु बृहस्पति और स्वामी शनिदेव हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस नक्षत्र में किया गया निवेश स्थायी और लाभकारी होता है।
इस दिन सोना-चांदी, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और सिक्के खरीदना शुभ माना जाता है। नया वाहन, जमीन, फ्लैट, दुकान और फैक्ट्री की मशीनरी खरीदने के लिए भी इसे अच्छा अवसर माना गया है।
व्यापारी नए खाते खोल सकेंगे, छोटी खरीदारी के विकल्प भी
व्यापारी इस दिन नए खाते-बही की शुरुआत और दुकान का शुभारंभ कर सकते हैं। वहीं, बड़ी खरीदारी नहीं कर पाने वाले लोग श्री यंत्र, शंख, कौड़ी, चंदन, इत्र और मिट्टी के दीये खरीदकर भी इस शुभ योग में शामिल हो सकते हैं।
अहोई अष्टमी पर बच्चों के लिए चांदी खरीदने की परंपरा
इस बार 1 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत भी है। पं. गौतम के अनुसार, माताएं इस अवसर पर चांदी की अहोई और बच्चों के लिए चांदी के आभूषण खरीद सकती हैं।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दिन दान-पुण्य और गुरु मंत्र का जाप करना भी शुभ फलदायी माना गया है। ऐसे में त्योहारों की खरीदारी के लिहाज से 1 नवंबर को विशेष दिन माना जा रहा है।

