बड़वानी राजपरिवार ने कुलदेवी मां कालिका मंदिर में हवन किया:अष्टमी पर महाराणा मानवेंद्र सिंह ने दीं आहुतियां, 400 साल पुरानी परंपरा निभाई




बड़वानी राजपरिवार ने शारदीय नवरात्रि की अष्टमी के मौके पर रविवार शाम 6 बजे अपनी कुलदेवी मां कालिका के मंदिर में पारंपरिक हवन-पूजन किया। इस दौरान बड़वानी रियासत के महाराणा मानवेंद्र सिंह सिसोदिया ने विशेष रूप से हवन में आहुतियां दीं। पाला बाजार स्थित यह रियासतकालीन मंदिर राजपरिवार की कुलदेवी को समर्पित है और करीब 400 साल पुराना है। महाराज के निजी सचिव शिवपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि इस मंदिर में माता कालिका की प्रतिमा पीपल के तने में स्वयंभू रूप में विराजित है। स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक बरसों पहले माता ने बड़वानी रियासत के महाराज को सपने में दर्शन देकर कुएं से बाहर निकालने की बात कही थी। महाराज के कहने पर प्रतिमा को कुएं से निकालकर पीपल के पेड़ के पास एक छोटे मंदिर में स्थापित किया गया। लेकिन कुछ समय बाद प्रतिमा खुद-ब-खुद पीपल के तने के अंदर विराजित हो गई। इसके बाद राजपरिवार ने उसी जगह पर भव्य मंदिर बनवाकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी, जो परंपरा आज भी उसी तरह चली आ रही है। इंदौर से आकर निभाई सदियों पुरानी परंपरा बड़वानी का राजपरिवार अब इंदौर में रहता है, लेकिन कुलदेवी के प्रति आस्था ऐसी है कि हर नवरात्रि पर परिवार के सदस्य बड़वानी पहुंचकर हवन-पूजन करते हैं। इसी कड़ी में अष्टमी के दिन महाराणा मानवेंद्र सिंह सिसोदिया ने बड़वानी पहुंचकर सदियों पुरानी इस परंपरा को निभाया। इस मौके पर मंदिर समिति के सदस्य और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।



publish_date

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *